बलिया हाईटेंशन तार की चपेट में मासूम की मौत: दो शिक्षक और एक शिक्षामित्र गिरफ्तार, दो शिक्षक निलंबित; शिक्षामित्र की सेवा समाप्ति की तैयारी।
घटना 2 नवंबर की है। कनैला स्थित नवीन पोखरा प्राथमिक विद्यालय में कक्षा चार में पढ़ने वाला अरशद (पुत्र इजहार अहमद, निवासी ग्राम बिसुकिया) विद्यालय समय के दौरान हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आ गया। करंट की चपेट में आने से छात्र की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदारों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
बलिया। गड़वार थाना क्षेत्र के कनैला स्थित नवीन पोखरा प्राथमिक विद्यालय में हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आकर कक्षा चार के छात्र की दर्दनाक मौत के मामले में पुलिस और बेसिक शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मासूम की मौत के बाद उठे सवालों पर पुलिस ने जहां दो सहायक अध्यापकों और एक शिक्षामित्र को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है, वहीं शिक्षा विभाग ने भी लापरवाही के आरोप में दो शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही आरोपी शिक्षामित्र की सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
विद्यालय परिसर में हादसे ने छीन ली मासूम की जिंदगी
घटना 2 नवंबर की है। कनैला स्थित नवीन पोखरा प्राथमिक विद्यालय में कक्षा चार में पढ़ने वाला अरशद (पुत्र इजहार अहमद, निवासी ग्राम बिसुकिया) विद्यालय समय के दौरान हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आ गया। करंट की चपेट में आने से छात्र की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदारों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों को किया गिरफ्तार।
मृतक छात्र के परिजनों की तहरीर पर गड़वार थाना पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 294/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 198 और 3(5) में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले में उपनिरीक्षक ओमप्रकाश यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में प्रधानाध्यापक/सहायक अध्यापक विजय शंकर निवासी चेतक किशोर, सिकंदरपुर, सहायक अध्यापक अनिल कुमार निवासी निराला नगर, कोतवाली बलिया तथा शिक्षामित्र दीपचन्द्र राम निवासी हरिपुर, गड़वार शामिल हैं। पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद तीनों को न्यायालय भेज दिया।
बीएसए की कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हलचल।
उधर, घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने भी सख्त रुख अपनाया है। शिथिल पर्यवेक्षण और पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही के आरोप में प्रधानाध्यापक विजय शंकर और सहायक अध्यापक अनिल कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में दोनों शिक्षकों को प्राथमिक विद्यालय पचखोरा से संबद्ध किया गया है। साथ ही मामले की विभागीय जांच खंड शिक्षा अधिकारी नवानगर पंकज सिंह को सौंपी गई है।
इतना ही नहीं, बीएसए ने ग्राम शिक्षा समिति को पत्र जारी कर आरोपी शिक्षामित्र दीपचन्द्र राम की सेवाएं समाप्त करने के संबंध में तीन कार्य दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
बच्चों की सुरक्षा पर आखिर कौन होगा जवाबदेह?
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर सरकारी विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विद्यालय परिसर या उसके आसपास यदि हाईटेंशन बिजली के तार जैसी जानलेवा स्थिति मौजूद थी, तो समय रहते उसे दूर कराने के लिए क्या कदम उठाए गए थे? बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी जिन लोगों और विभागीय अधिकारियों पर थी, उनकी भूमिका की निष्पक्ष जांच भी जरूरी है।
एक मासूम की जिंदगी चली गई, परिवार का सहारा छिन गया। अब पुलिस कार्रवाई और विभागीय जांच के साथ सबसे बड़ा सवाल यही है कि भविष्य में किसी दूसरे परिवार को ऐसी दर्दनाक त्रासदी का सामना न करना पड़े। विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा केवल कागजी निर्देशों तक सीमित न रहे, बल्कि धरातल पर भी सुनिश्चित होनी चाहिए।
विद्यालय परिसर में हादसे ने छीन ली मासूम की जिंदगी
घटना 2 नवंबर की है। कनैला स्थित नवीन पोखरा प्राथमिक विद्यालय में कक्षा चार में पढ़ने वाला अरशद (पुत्र इजहार अहमद, निवासी ग्राम बिसुकिया) विद्यालय समय के दौरान हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आ गया। करंट की चपेट में आने से छात्र की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदारों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों को किया गिरफ्तार।
मृतक छात्र के परिजनों की तहरीर पर गड़वार थाना पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 294/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 198 और 3(5) में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले में उपनिरीक्षक ओमप्रकाश यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में प्रधानाध्यापक/सहायक अध्यापक विजय शंकर निवासी चेतक किशोर, सिकंदरपुर, सहायक अध्यापक अनिल कुमार निवासी निराला नगर, कोतवाली बलिया तथा शिक्षामित्र दीपचन्द्र राम निवासी हरिपुर, गड़वार शामिल हैं। पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद तीनों को न्यायालय भेज दिया।
बीएसए की कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हलचल।
उधर, घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने भी सख्त रुख अपनाया है। शिथिल पर्यवेक्षण और पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही के आरोप में प्रधानाध्यापक विजय शंकर और सहायक अध्यापक अनिल कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में दोनों शिक्षकों को प्राथमिक विद्यालय पचखोरा से संबद्ध किया गया है। साथ ही मामले की विभागीय जांच खंड शिक्षा अधिकारी नवानगर पंकज सिंह को सौंपी गई है।
इतना ही नहीं, बीएसए ने ग्राम शिक्षा समिति को पत्र जारी कर आरोपी शिक्षामित्र दीपचन्द्र राम की सेवाएं समाप्त करने के संबंध में तीन कार्य दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
बच्चों की सुरक्षा पर आखिर कौन होगा जवाबदेह?
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर सरकारी विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विद्यालय परिसर या उसके आसपास यदि हाईटेंशन बिजली के तार जैसी जानलेवा स्थिति मौजूद थी, तो समय रहते उसे दूर कराने के लिए क्या कदम उठाए गए थे? बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी जिन लोगों और विभागीय अधिकारियों पर थी, उनकी भूमिका की निष्पक्ष जांच भी जरूरी है।
एक मासूम की जिंदगी चली गई, परिवार का सहारा छिन गया। अब पुलिस कार्रवाई और विभागीय जांच के साथ सबसे बड़ा सवाल यही है कि भविष्य में किसी दूसरे परिवार को ऐसी दर्दनाक त्रासदी का सामना न करना पड़े। विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा केवल कागजी निर्देशों तक सीमित न रहे, बल्कि धरातल पर भी सुनिश्चित होनी चाहिए।