🔥 TRENDING Children’s Institute Gala to Honor Jam... Benz film kicks off fourth shooting sc... BMC to pay ₹20 crore for Film City lan... Director Chidambaram to Collaborate wi... Haryana Chief Minister to Visit Singap... Haryana athletes clinch four gold meda...
04 Oct 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
Politics

बलिया भाजपा में महिला नेत्री के गंभीर आरोपों से गरमाई सियासत, जिलाध्यक्ष ने बताया साजिश

✍️ Reporter: ANAND KUMAR PANDEY 🗓 04 Oct 2026, 01:44 AM 👁 9
Watch on: 📘 Facebook
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

बलिया में भाजपा संगठन के भीतर एक महिला नेत्री द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों ने जिले की राजनीति में हलचल मचा दी है। जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए इसे एक सोची-समझी साजिश करार दिया है।

बलिया जिले की राजनीति में उस वक्त उबाल आ गया जब एक महिला नेत्री ने भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए। इन आरोपों में शारीरिक और मानसिक शोषण तथा दुष्कर्म का जिक्र है। यह मामला तब और गरमा गया जब पीड़िता के नाम से प्रसारित एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें जिलाध्यक्ष पर सीधे तौर पर गंभीर आरोप लगाए गए। इस प्रकरण में भाजपा जिला मंत्री आलोक सिंह समेत तीन लोगों के खिलाफ बांसडीह कोतवाली में पहले ही मुकदमा दर्ज किया जा चुका है।

भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है और शीर्ष नेतृत्व को इस घटनाक्रम की पूरी जानकारी है। मिश्रा ने विश्वास जताया कि जल्द ही नेतृत्व स्तर पर जांच की जाएगी और प्रशासन की जांच में सच्चाई सामने आएगी, जिसके बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

इस पूरे विवाद को महिला मोर्चा के जिलाध्यक्ष पद के चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि इस दावे की पुष्टि के लिए अभी ठोस साक्ष्य सामने नहीं आए हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि विवाद की जड़ संगठनात्मक मतभेद हैं, व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप हैं या कोई अन्य कारण।

फिलहाल, बलिया भाजपा में उठे इस विवाद ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या शीर्ष नेतृत्व इस मामले की निष्पक्ष जांच कराएगा? क्या संगठन के भीतर चल रही कथित खींचतान पर विराम लगेगा? और क्या पुलिस जांच से पूरे मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी? इन सवालों के जवाब जांच के निष्कर्षों और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयानों के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे।
📲Get App