बलिया: 23 साल पुराने मामले में मंत्री दयाशंकर सिंह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी, एमएलसी की गैरहाजिरी माफ
यहाँ देखें:
📘 Facebook
बलिया की सीजेएम अदालत ने 23 साल पुराने एक मामले में परिवहन राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। वहीं, एमएलसी रविशंकर सिंह की गैरहाजिरी माफ कर दी गई है।
बलिया की सीजेएम अदालत ने लगभग 23 साल पुराने एक मामले में सुनवाई करते हुए परिवहन राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। यह मामला कोतवाली में घुसकर तत्कालीन शहर कोतवाल सर्वजीत शाही को गाली-गलौज करने और कॉलर पकड़ने से संबंधित है। अदालत ने एमएलसी रविशंकर सिंह की आज की गैरहाजिरी माफ कर दी है, क्योंकि उन्होंने पूर्व में आत्मसमर्पण कर अपनी जमानत अर्जी मंजूर करा ली थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 4 दिसंबर 2003 को कोतवाली परिसर में सुबह करीब 9:25 बजे घटित हुई थी। तत्कालीन शहर कोतवाल सर्वजीत शाही ने कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत कराया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि घटना के दिन वह अपने हमराहियों के साथ अभियुक्तों की तलाशी में जा रहे थे, तभी सूचना मिली कि रविशंकर उर्फ पप्पू सिंह और दयाशंकर सिंह अपने 20 समर्थकों के साथ कोतवाली में मौजूद हैं और उन्हें बुला रहे हैं।
सूचना पर कोतवाल अपने हमराहियों के साथ कोतवाली पहुंचे, जहाँ सभी आरोपी मौजूद थे। कोतवाल के अनुसार, उन्हें भद्दी-भद्दी गालियाँ दी गईं और कॉलर पकड़ लिया गया। दयाशंकर सिंह उन पर हमलावर हो गए, जिसके बाद पुलिस कर्मियों ने बीच-बचाव किया। रविशंकर सिंह ने कथित तौर पर कहा था, "साले तुम्हारी इतनी हिम्मत कि हमारे कार्यकर्ता को गिरफ्तार करोगे।"
मंत्री दयाशंकर सिंह के न्यायालय में हाजिर न होने पर अदालत ने उनके विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। साथ ही, एसीपी बलिया की तामिला हेतु गैर-जमानती वारंट (एन.एस.टेप) भेजा गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 4 दिसंबर 2003 को कोतवाली परिसर में सुबह करीब 9:25 बजे घटित हुई थी। तत्कालीन शहर कोतवाल सर्वजीत शाही ने कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत कराया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि घटना के दिन वह अपने हमराहियों के साथ अभियुक्तों की तलाशी में जा रहे थे, तभी सूचना मिली कि रविशंकर उर्फ पप्पू सिंह और दयाशंकर सिंह अपने 20 समर्थकों के साथ कोतवाली में मौजूद हैं और उन्हें बुला रहे हैं।
सूचना पर कोतवाल अपने हमराहियों के साथ कोतवाली पहुंचे, जहाँ सभी आरोपी मौजूद थे। कोतवाल के अनुसार, उन्हें भद्दी-भद्दी गालियाँ दी गईं और कॉलर पकड़ लिया गया। दयाशंकर सिंह उन पर हमलावर हो गए, जिसके बाद पुलिस कर्मियों ने बीच-बचाव किया। रविशंकर सिंह ने कथित तौर पर कहा था, "साले तुम्हारी इतनी हिम्मत कि हमारे कार्यकर्ता को गिरफ्तार करोगे।"
मंत्री दयाशंकर सिंह के न्यायालय में हाजिर न होने पर अदालत ने उनके विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। साथ ही, एसीपी बलिया की तामिला हेतु गैर-जमानती वारंट (एन.एस.टेप) भेजा गया है।