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बल्लिया के महाराजपुर में घाघरा नदी के बाढ़ से ग्रामीणों में विधायक केतकी सिंह के खिलाफ तीव्र आक्रोश
घाघरा नदी के उग्र प्रवाह से उत्पन्न बाढ़ ने महाराजपुर में व्यापक क्षति की, जबकि क्षेत्रीय विधायक केतकी सिंह की अनुपस्थिति से ग्रामीणों में गहरा असंतोष उत्पन्न हुआ।
बल्लिया जिले के महाराजपुर गांव में घाघरा नदी के उग्र प्रवाह से बाढ़ आई, जिससे कई घरों को क्षति पहुँची और जल स्तर में तीव्र वृद्धि हुई। इस आपदा के दौरान ग्रामीणों ने तत्काल सहायता की मांग की।
ग्राम प्रधान रंजय कुमार सिंह ने बताया कि पिछले दो वर्षों में क्षेत्रीय विधायक केतकी सिंह ने कभी भी कटान (कटाई) के निरीक्षण के लिए नहीं आए। उन्होंने कटान रोकने के प्रयासों को उजागर किया और कहा कि विधायक की अनुपस्थिति ने समस्या को और बढ़ा दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि जल निकासी और सुरक्षा के लिए सरकार ने बड़ी राशि खर्च की, परन्तु वह राशि पानी में बहा दी गई और स्थानीय लोगों को सुरक्षित आवास नहीं मिला। उन्होंने योगी जी से अपील की कि उन्हें सुरक्षित रहने के लिये सरकारी आवास और स्थायी जमीन प्रदान की जाए।
स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि यदि वही राशि नदियों के किनारे के बाढ़‑प्रवण क्षेत्रों में पक्की इमारतों और सुरक्षित भूमि के लिए उपयोग की जाती, तो कई परिवारों को इस आपदा से बचाया जा सकता था। वे तत्काल सरकारी कार्रवाई और विधायक की जवाबदेही की माँग कर रहे हैं।
ग्राम प्रधान रंजय कुमार सिंह ने बताया कि पिछले दो वर्षों में क्षेत्रीय विधायक केतकी सिंह ने कभी भी कटान (कटाई) के निरीक्षण के लिए नहीं आए। उन्होंने कटान रोकने के प्रयासों को उजागर किया और कहा कि विधायक की अनुपस्थिति ने समस्या को और बढ़ा दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि जल निकासी और सुरक्षा के लिए सरकार ने बड़ी राशि खर्च की, परन्तु वह राशि पानी में बहा दी गई और स्थानीय लोगों को सुरक्षित आवास नहीं मिला। उन्होंने योगी जी से अपील की कि उन्हें सुरक्षित रहने के लिये सरकारी आवास और स्थायी जमीन प्रदान की जाए।
स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि यदि वही राशि नदियों के किनारे के बाढ़‑प्रवण क्षेत्रों में पक्की इमारतों और सुरक्षित भूमि के लिए उपयोग की जाती, तो कई परिवारों को इस आपदा से बचाया जा सकता था। वे तत्काल सरकारी कार्रवाई और विधायक की जवाबदेही की माँग कर रहे हैं।