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25 Oct 2026•
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बालाघाट: गंभीर एनीमिया से पीड़ित हाई-रिस्क गर्भवती का सुरक्षित प्रसव, माता-शिशु स्वस्थ

✍️ Reporter: Pranav Gaur 🗓 25 Oct 2026, 03:42 PM 👁 13
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स्वास्थ्य विभाग, आशा कार्यकर्ता और एएनएम के समन्वित प्रयासों से हीमोग्लोबिन स्तर 7 ग्राम की गर्भवती महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया।

बालाघाट जिले में शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता और समय पर उपचार से गंभीर एनीमिया से पीड़ित एक हाई-रिस्क गर्भवती महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया। महिला का हीमोग्लोबिन स्तर मात्र 7 ग्राम था और पूर्व में सीजेरियन प्रसव होने के कारण गर्भावस्था को उच्च जोखिम की श्रेणी में रखा गया था। स्वास्थ्य विभाग की टीम, आशा कार्यकर्ता और एएनएम के समन्वित प्रयासों से माता एवं नवजात शिशु दोनों सुरक्षित हैं।

वार्ड क्रमांक 1, गौरीशंकर, बूढ़ी बालाघाट निवासी श्रीमती दीक्षा चौरे, पति श्री संदीप चौरे का गर्भावस्था के दौरान 16 अप्रैल 2026 को एएनएम श्रीमती श्रिता जैसवाल द्वारा पंजीयन किया गया था। आशा कार्यकर्ता श्रीमती कमला डोंगरे के निरंतर संपर्क एवं प्रयासों से महिला की समय पर जांच कराई गई। मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक, ढीमरटोला में डॉ. प्रिया भोरोपे एवं डॉ. लक्ष्य वर्मा द्वारा की गई जांच में महिला गंभीर एनीमिया से पीड़ित पाई गईं।

महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए आशा कार्यकर्ता ने तत्काल एपीएम श्री संजय मानेश्वर को जानकारी दी। इसके बाद जिला चिकित्सालय बालाघाट से समन्वय कर महिला के लिए दो यूनिट ए पॉजिटिव रक्त की व्यवस्था की गई। पीएमएसए/ईपीएमएसए योजना के अंतर्गत महिला को निःशुल्क सोनोग्राफी एवं आवश्यक जांचों की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।

पूर्व में सीजेरियन प्रसव और गंभीर एनीमिया के कारण संभावित जोखिम को देखते हुए आशा कार्यकर्ता श्रीमती कमला डोंगरे ने विशेष सतर्कता बरती। उन्होंने 17 अक्टूबर को प्रसव की संभावित तिथि से पहले महिला को जिला चिकित्सालय बालाघाट में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में आवश्यक उपचार एवं देखभाल की गई।

समय पर अस्पताल में भर्ती, रक्त की व्यवस्था, आवश्यक रक्ताधान और चिकित्सकीय देखभाल के परिणामस्वरूप 19 अक्टूबर 2026 को रात्रि 9.30 बजे महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया। वर्तमान में माता और नवजात शिशु दोनों स्वस्थ एवं सुरक्षित हैं। इस सफलता मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शत्रुघ्न सिंह दाहिया तथा अर्बन नोडल अधिकारी डॉ. पंकज महाजन के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की टीम, आशा कार्यकर्ता एवं एएनएम के समन्वित प्रयासों से संभव हुई।
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