शिक्षा
बालाघाट: छात्रावासों में बाल सुरक्षा, पोषण और शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार के लिए उच्च पदस्थ अधिकारियों ने दिए निर्देश
महिला एवं बाल विकास विभाग और जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों ने 24 अक्टूबर को बालाघाट में छात्रावास अधीक्षकों की बैठक बुलाकर बाल विवाह रोकथाम, कुपोषण नियंत्रण और बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था के लिए कड़े निर्देश जारी किए।
बालाघाट में छात्रावासों में बाल सुरक्षा, पोषण और शैक्षणिक गुणवत्ता को सुधारने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री देवेंद्र सुंद्रियाल और सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग श्रीमती शकुंतला डामोर ने 24 अक्टूबर को छात्रावास एवं आश्रम अधीक्षकों की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में बच्चों की सुरक्षा, कुपोषण की रोकथाम और बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता जैसे संवेदनशील विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के दौरान छात्रावासों की मौजूदा व्यवस्थाओं में सुधार करने, विद्यार्थियों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने तथा शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने छात्रावासों में निवासरत बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कुपोषण की पहचान एवं रोकथाम के लिए तुरंत आवश्यक कदम उठाने की हिदायत दी। साथ ही, बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को रोकने के लिए प्रभावी जागरूकता गतिविधियां संचालित करने पर भी विशेष बल दिया गया, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल हो सके।
शैक्षणिक क्षेत्र में सुधार के लिए अधिकारियों ने छात्रावास एवं आश्रमों में विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसमें आवश्यक सुविधाओं और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अलावा, पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन के लिए छात्रों की मांग के अनुसार कोचिंग की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया गया। बैठक में छात्रावासों में आवश्यक मरम्मत एवं नवीनीकरण कार्य कराने के संबंध में भी गंभीरता से चर्चा की गई।
बैठक के अंत में छात्रावासों की समग्र व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं शिक्षा से जुड़ी आवश्यकताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने सभी अधीक्षकों से निर्देशों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से व्यवस्थाओं में सुधार सुनिश्चित करने को कहा, ताकि बच्चों को एक सुरक्षित और अनुकूल शिक्षा प्रदान की जा सके।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने छात्रावासों में निवासरत बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कुपोषण की पहचान एवं रोकथाम के लिए तुरंत आवश्यक कदम उठाने की हिदायत दी। साथ ही, बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को रोकने के लिए प्रभावी जागरूकता गतिविधियां संचालित करने पर भी विशेष बल दिया गया, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल हो सके।
शैक्षणिक क्षेत्र में सुधार के लिए अधिकारियों ने छात्रावास एवं आश्रमों में विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसमें आवश्यक सुविधाओं और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अलावा, पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन के लिए छात्रों की मांग के अनुसार कोचिंग की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया गया। बैठक में छात्रावासों में आवश्यक मरम्मत एवं नवीनीकरण कार्य कराने के संबंध में भी गंभीरता से चर्चा की गई।
बैठक के अंत में छात्रावासों की समग्र व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं शिक्षा से जुड़ी आवश्यकताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने सभी अधीक्षकों से निर्देशों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से व्यवस्थाओं में सुधार सुनिश्चित करने को कहा, ताकि बच्चों को एक सुरक्षित और अनुकूल शिक्षा प्रदान की जा सके।