📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Post of Brazil
राजनीति
अलवर महापौर चुनाव: भाजपा की सुमनलता अग्रवाल बनाम कांग्रेस की कमलेश शर्मा, स्वतंत्र उम्मीदवार रिंकल गर्ग ने निकाला नामांकन
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 18 सित. 2026, 05:15 PM
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स्वतंत्र उम्मीदवार रिंकल गर्ग के नामांकन वापस लेने के बाद अलवर महापौर चुनाव में अब भाजपा की सुमनलता अग्रवाल और कांग्रेस की कमलेश शर्मा का सीधा मुकाबला होगा।
अलवर नगर निगम के महापौर चुनाव में स्वतंत्र उम्मीदवार रिंकल गर्ग ने अपना नामांकन वापस ले लिया, जिससे प्रतिस्पर्धा अब केवल दो उम्मीदवारों तक सीमित हो गई है। भाजपा की सुमनलता अग्रवाल और कांग्रेस की कमलेश शर्मा अब इस पद के लिए सीधा मुकाबला करेंगे।
दोनों दल स्थानीय विकास, बुनियादी ढाँचे और शहरी सेवाओं को लेकर अपने-अपने एजेंडा को उजागर कर रहे हैं। अग्रवाल ने बुनियादी ढाँचे के सुधार और स्वच्छता परियोजनाओं पर ध्यान देने का वादा किया है, जबकि शर्मा ने युवा रोजगार और किफायती आवास को प्राथमिकता देने का संकेत दिया है।
चुनाव प्राधिकरण ने पुष्टि की है कि मतदान में केवल इन दो उम्मीदवारों के नाम ही शामिल होंगे और मतदान शेड्यूल के अनुसार निर्धारित तिथि पर होगा। विश्लेषकों का मानना है कि इस परिणाम से राजस्थान के दूसरे बड़े शहर अलवर में राजनीतिक संतुलन पर असर पड़ेगा।
रिंकल गर्ग, जो पहले एक तृतीय विकल्प के रूप में उभरे थे, के नामांकन वापस लेने से इस चुनाव की महत्ता और छोटे खिलाड़ियों की रणनीतिक चालें स्पष्ट हो गई हैं।
अब सभी की नजरें अंतिम मतगणना पर टिकी हैं, जो अलवर के अगले कार्यकाल के महापौर का निर्धारण करेगी।
दोनों दल स्थानीय विकास, बुनियादी ढाँचे और शहरी सेवाओं को लेकर अपने-अपने एजेंडा को उजागर कर रहे हैं। अग्रवाल ने बुनियादी ढाँचे के सुधार और स्वच्छता परियोजनाओं पर ध्यान देने का वादा किया है, जबकि शर्मा ने युवा रोजगार और किफायती आवास को प्राथमिकता देने का संकेत दिया है।
चुनाव प्राधिकरण ने पुष्टि की है कि मतदान में केवल इन दो उम्मीदवारों के नाम ही शामिल होंगे और मतदान शेड्यूल के अनुसार निर्धारित तिथि पर होगा। विश्लेषकों का मानना है कि इस परिणाम से राजस्थान के दूसरे बड़े शहर अलवर में राजनीतिक संतुलन पर असर पड़ेगा।
रिंकल गर्ग, जो पहले एक तृतीय विकल्प के रूप में उभरे थे, के नामांकन वापस लेने से इस चुनाव की महत्ता और छोटे खिलाड़ियों की रणनीतिक चालें स्पष्ट हो गई हैं।
अब सभी की नजरें अंतिम मतगणना पर टिकी हैं, जो अलवर के अगले कार्यकाल के महापौर का निर्धारण करेगी।