📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Defence
राजनीति
बीजेपी के मोहन यादव ने कांग्रेस नेताओं को शराब माफिया संबंधों को लेकर मध्य प्रदेश छोड़ने या जेल की चेतावनी दी
✍️ India Today
🗓 06 नव. 2026, 03:31 AM
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बीजेपी के वरिष्ठ नेता मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस विधायकों को शराब माफिया से जुड़े होने का आरोप लगाते हुए राज्य छोड़ने या जेल का सामना करने की चेतावनी दी।
बीजेपी के वरिष्ठ नेता मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए चेतावनी दी कि वे राज्य छोड़ दें, नहीं तो शराब माफिया से जुड़े होने के आरोपों के तहत कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
यह बयान राज्य में कई वर्षों से चल रहे अवैध शराब कारोबार की जांच के बीच आया, जहाँ कठोर कार्रवाई की मांगें पहले से ही तेज़ थीं। यादव ने कहा कि यदि इन आरोपित कांग्रेस नेताओं ने मध्य प्रदेश में रहना जारी रखा, तो उन्हें जेल सहित आपराधिक प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा।
कांग्रेस ने अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, पर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान आगामी स्थानीय चुनावों से पहले राजनीतिक तनाव को और बढ़ा सकता है। पुलिस ने पहले भी शराब‑संबंधी मामलों की जाँच की है, पर अब तक नामित कांग्रेस सदस्यों के खिलाफ कोई सार्वजनिक आरोप नहीं लगाया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना विपक्ष को संगठित अपराध में शामिल दिखाने के लिए बीजेपी की व्यापक रणनीति को दर्शाती है, जबकि कांग्रेस इन आरोपों से खुद को अलग करने की कोशिश कर रही है। दोनों पक्ष आगामी चुनावी दौर की तैयारी में हैं, जिससे स्थिति अभी भी बदल सकती है।
यह बयान राज्य में कई वर्षों से चल रहे अवैध शराब कारोबार की जांच के बीच आया, जहाँ कठोर कार्रवाई की मांगें पहले से ही तेज़ थीं। यादव ने कहा कि यदि इन आरोपित कांग्रेस नेताओं ने मध्य प्रदेश में रहना जारी रखा, तो उन्हें जेल सहित आपराधिक प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा।
कांग्रेस ने अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, पर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान आगामी स्थानीय चुनावों से पहले राजनीतिक तनाव को और बढ़ा सकता है। पुलिस ने पहले भी शराब‑संबंधी मामलों की जाँच की है, पर अब तक नामित कांग्रेस सदस्यों के खिलाफ कोई सार्वजनिक आरोप नहीं लगाया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना विपक्ष को संगठित अपराध में शामिल दिखाने के लिए बीजेपी की व्यापक रणनीति को दर्शाती है, जबकि कांग्रेस इन आरोपों से खुद को अलग करने की कोशिश कर रही है। दोनों पक्ष आगामी चुनावी दौर की तैयारी में हैं, जिससे स्थिति अभी भी बदल सकती है।