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14 सित. 2026
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गुजरात के शुगर कोऑपरेटिव्स पर बीजेपी का प्रभाव घटा
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Drajpara (talk)
कृषि

गुजरात के शुगर कोऑपरेटिव्स पर बीजेपी का प्रभाव घटा

✍️ The Indian Express 🗓 14 सित. 2026, 03:36 PM 👁 8
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इंडियन एक्सप्रेस ने बताया कि गुजरात के शुगर कोऑपरेटिव्स पर बीजेपी का नियंत्रण कम हो रहा है, जो पार्टी की ग्रामीण पकड़ में बदलाव दर्शाता है।

अखबारों ने बताया कि गुजरात के शुगर कोऑपरेटिव्स पर भाजपा का लंबे समय से चल रहा दबदबा अब कमज़ोर हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ये कोऑपरेटिव, जो पारंपरिक रूप से पार्टी के लिए ग्रामीण समर्थन का मुख्य स्रोत रहे हैं, अब अधिक स्वतंत्रता दिखा रहे हैं। यह बदलाव कोऑपरेटिव क्षेत्र में आंतरिक मतभेदों और उभरते प्रतिद्वंद्वी समूहों को कारण माना गया है।

इंडियन एक्सप्रेस ने कहा कि इस नियंत्रण में कमी से भाजपा की शुगर किसान वर्ग को चुनावों में जुटाने की क्षमता पर असर पड़ सकता है। जबकि कोई विशिष्ट आंकड़े नहीं दिए गए, रिपोर्ट संकेत देती है कि पार्टी अपनी रणनीति को इस बदलते परिदृश्य के अनुसार पुनः विचार रही है।

कोऑपरेटिव नेताओं और राजनीतिक विश्लेषकों सहित कई पक्ष इस स्थिति को बारीकी से देख रहे हैं, क्योंकि इसका परिणाम न केवल शुगर उद्योग के शासन में बल्कि गुजरात के ग्रामीण वोट बैंक में भी महत्वपूर्ण हो सकता है।
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