📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Mukesh.kfc
राजनीति
राजस्थान निकाय चुनाव से पहले बीजेपी ने कड़ी कार्रवाई योजना जारी की
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 05 सित. 2026, 05:02 PM
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आगामी निकाय चुनावों से पहले, बीजेपी के बी.एल. संतोष ने पार्टी के बागियों और भीतरघातियों के खिलाफ कड़ी नीति का एलान किया।
राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने निकाय चुनावों की तैयारी में एक व्यापक कार्रवाई योजना जारी की है, जिसका उद्देश्य पार्टी के भीतर के बागी और भीतरघातियों को कड़ी सजा देना है। पार्टी के अधिकारियों ने बताया कि यह योजना उन सदस्यों की पहचान और अनुशासन पर केंद्रित होगी जो पार्टी की नीति से हटते हैं या संगठन को नुकसान पहुँचाते हैं।
बी.एल. संतोष, राज्य के वरिष्ठ भाजपा नेता, ने कहा कि अब पार्टी के भीतर किसी भी प्रकार की बगाव या धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी सदस्य पार्टी के चुनावी लक्ष्य को बाधित करने में लिप्त पाए जाएंगे, उन्हें सस्पेंशन या पद से हटाने जैसी कड़ी सजा दी जाएगी।
यह कदम इस समय आया है जब भाजपा को नगरपालिका और पंचायत चुनावों में जीत के लिए एकजुट होना आवश्यक माना जा रहा है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि यह योजना अनुशासन को सुदृढ़ करेगी, चुनावी अभियान को सुगम बनाएगी और राजस्थान के मतदाताओं के सामने एकजुट छवि पेश करेगी।
योजना के विस्तृत प्रावधान अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, परंतु जानकारी के अनुसार एक निगरानी सेल बनाई जाएगी जो बागी व्यवहार को ट्रैक कर सीधे वरिष्ठ नेतृत्व को रिपोर्ट करेगी। भाजपा इस पहल से पार्टी के भीतर से पलायन को रोकने और चुनाव से पहले निष्ठा को बढ़ाने की आशा रखती है।
बी.एल. संतोष, राज्य के वरिष्ठ भाजपा नेता, ने कहा कि अब पार्टी के भीतर किसी भी प्रकार की बगाव या धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी सदस्य पार्टी के चुनावी लक्ष्य को बाधित करने में लिप्त पाए जाएंगे, उन्हें सस्पेंशन या पद से हटाने जैसी कड़ी सजा दी जाएगी।
यह कदम इस समय आया है जब भाजपा को नगरपालिका और पंचायत चुनावों में जीत के लिए एकजुट होना आवश्यक माना जा रहा है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि यह योजना अनुशासन को सुदृढ़ करेगी, चुनावी अभियान को सुगम बनाएगी और राजस्थान के मतदाताओं के सामने एकजुट छवि पेश करेगी।
योजना के विस्तृत प्रावधान अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, परंतु जानकारी के अनुसार एक निगरानी सेल बनाई जाएगी जो बागी व्यवहार को ट्रैक कर सीधे वरिष्ठ नेतृत्व को रिपोर्ट करेगी। भाजपा इस पहल से पार्टी के भीतर से पलायन को रोकने और चुनाव से पहले निष्ठा को बढ़ाने की आशा रखती है।