📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Development of North Eastern Region
राजनीति
बीजेपी मेघालय ने संजय शर्मा विवाद में बाइबल अपमान को विवेकानंद प्रतिमा तोड़ने के समान कहा
✍️ Hub News
🗓 05 सित. 2026, 06:03 PM
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मेघालय की बीजेपी ने कहा कि बाइबल का अपमान स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा को तोड़ने जितना ही गंभीर है, यह बयान संजय शर्मा विवाद के संदर्भ में दिया गया।
मेघालय की बीजेपी ने बाइबल के अपमान को स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के तोड़ने के समान बताया, यह टिप्पणी संजय शर्मा से जुड़ी विवादित स्थिति के मद्देनज़र की गई।
पार्टी ने कहा कि बाइबल का अपमान "घिनौना" है और यह राष्ट्रीय प्रतीक विवेकानंद की प्रतिमा को नुकसान पहुँचाने के बराबर गंभीर है, जिससे धार्मिक प्रतीकों की संवेदनशीलता उजागर हुई।
राजनीतिक विश्लेषकों ने बताया कि यह बयान बीजेपी की धर्मनिरपेक्ष छवि को बनाए रखते हुए ईसाई और हिन्दू दोनों समुदायों की चिंताओं को संबोधित करने का प्रयास है। संजय शर्मा या उनकी पार्टी से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
यह घटना भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में धर्म और राजनीति के नाजुक संतुलन को दर्शाती है, जहाँ सामुदायिक सद्भावना अक्सर चुनावी रणनीतियों को प्रभावित करती है।
अधिकारी इस अपमान के संबंध में अभी तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, और मामला राजनीतिक बहस तक सीमित है।
पार्टी ने कहा कि बाइबल का अपमान "घिनौना" है और यह राष्ट्रीय प्रतीक विवेकानंद की प्रतिमा को नुकसान पहुँचाने के बराबर गंभीर है, जिससे धार्मिक प्रतीकों की संवेदनशीलता उजागर हुई।
राजनीतिक विश्लेषकों ने बताया कि यह बयान बीजेपी की धर्मनिरपेक्ष छवि को बनाए रखते हुए ईसाई और हिन्दू दोनों समुदायों की चिंताओं को संबोधित करने का प्रयास है। संजय शर्मा या उनकी पार्टी से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
यह घटना भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में धर्म और राजनीति के नाजुक संतुलन को दर्शाती है, जहाँ सामुदायिक सद्भावना अक्सर चुनावी रणनीतियों को प्रभावित करती है।
अधिकारी इस अपमान के संबंध में अभी तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, और मामला राजनीतिक बहस तक सीमित है।