📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Antur
राजनीति
भीलवाड़ा में नगर निगम टिकट बंटवारे पर भाजपा में आंतरिक उथल-पुथल, महिला मोर्चा का धरना जारी
✍️ Amar Ujala · Bhilwara
🗓 29 अग. 2026, 05:37 PM
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भीलवाड़ा में भाजपा के कार्यालय में कार्यकर्ता दूसरे दिन भी धरना दे रहे हैं, नगर निगम चुनाव के टिकट वितरण में परिवारवाद के आरोप लगा रहे हैं।
भीलवाड़ा, राजस्थान – नगर निगम चुनाव के टिकट बंटवारे की तैयारियों के दौरान भाजपा के स्थानीय स्तर पर आंतरिक टकराव स्पष्ट हो गया है। पार्टी के कार्यकर्ता मंगलवार को भाजपा कार्यालय के बाहर धरना जारी रखे हुए हैं, जो पिछले दिन शुरू हुआ था, और वे टिकट वितरण में पारदर्शिता व योग्यता‑आधारित प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं।
इस धरने का नेतृत्व महिला मोर्चे की कार्यकर्ता कर रही हैं, जिन्होंने वरिष्ठ नेताओं पर रिश्तेदारों और करीबी सहयोगियों को टिकट देने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि चयन मानदंड परिवारिक संबंधों के आधार पर तय हो रहा है, न कि कार्य‑प्रदर्शन या जनता की सेवा के आधार पर।
पार्टी के आधिकारिक प्रतिनिधियों ने इन आरोपों पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है, परन्तु धरने की निरंतरता से जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं में बढ़ती असंतुष्टि स्पष्ट होती है। यह घटना आगामी नगर निगम चुनाव में टिकट वितरण के निर्णयों के कारण भाजपा की प्रदर्शन क्षमता को प्रभावित कर सकती है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि इस आंतरिक टकराव का समाधान नहीं हुआ तो यह मतदाताओं की राय पर असर डाल सकता है और पार्टी को ऐसे उम्मीदवार पेश करने में कठिनाई हो सकती है जो स्थानीय स्तर पर व्यापक समर्थन प्राप्त कर सकें। महिला मोर्चा ने तब तक धरना जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया है, जब तक उनके निष्पक्ष टिकटिंग की मांगें पूरी नहीं होतीं।
इस धरने का नेतृत्व महिला मोर्चे की कार्यकर्ता कर रही हैं, जिन्होंने वरिष्ठ नेताओं पर रिश्तेदारों और करीबी सहयोगियों को टिकट देने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि चयन मानदंड परिवारिक संबंधों के आधार पर तय हो रहा है, न कि कार्य‑प्रदर्शन या जनता की सेवा के आधार पर।
पार्टी के आधिकारिक प्रतिनिधियों ने इन आरोपों पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है, परन्तु धरने की निरंतरता से जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं में बढ़ती असंतुष्टि स्पष्ट होती है। यह घटना आगामी नगर निगम चुनाव में टिकट वितरण के निर्णयों के कारण भाजपा की प्रदर्शन क्षमता को प्रभावित कर सकती है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि इस आंतरिक टकराव का समाधान नहीं हुआ तो यह मतदाताओं की राय पर असर डाल सकता है और पार्टी को ऐसे उम्मीदवार पेश करने में कठिनाई हो सकती है जो स्थानीय स्तर पर व्यापक समर्थन प्राप्त कर सकें। महिला मोर्चा ने तब तक धरना जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया है, जब तक उनके निष्पक्ष टिकटिंग की मांगें पूरी नहीं होतीं।