🔥 ट्रेंडिंग उत्तarakhand में बीजेपी की बैठक, बांसु... उत्तarakhand में अदी कैलाश मार्ग पर भू... उत्तarakhand में बढ़ती मानवीय आवाज़ से... दिल्ली मेट्रो ने आज 11 स्टेशन बंद किए,... बॉलीवुड सितारे मुंबई के शिवाजी पार्क म... सोनल चौहान को अभी भी जन्नत के मौत दृश्...
03 अक्टू. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
भाजपा ने तेलंगाना में यूएलबी और लोकसभा चुनावों के लिए सुनील बंसल को मुख्य रणनीतिकार बनाया
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
राजनीति

भाजपा ने तेलंगाना में यूएलबी और लोकसभा चुनावों के लिए सुनील बंसल को मुख्य रणनीतिकार बनाया

✍️ INDToday 🗓 03 अक्टू. 2026, 02:36 AM 👁 16
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

भाजपा ने सुनील बंसल को तेलंगाना में यूएलबी और आगामी लोकसभा चुनावों के मुख्य अभियान प्रबंधक के रूप में नियुक्त किया है।

भाजपा ने घोषणा की कि सुनील बंसल तेलंगाना में आगामी शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) चुनावों और लोकसभा चुनावों के मुख्य रणनीतिकार के रूप में कार्य करेंगे। पार्टी के राज्य इकाई में सक्रिय बंसल को अभियान संदेश, उम्मीदवार चयन और जमीनी स्तर पर संपर्क स्थापित करने की जिम्मेदारी दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि चुनाव प्रबंधन में उनका अनुभव और तेलंगाना की राजनीति की समझ उन्हें इस दोहरी भूमिका के लिए उपयुक्त बनाती है।

यह कदम भाजपा के लिए दक्षिणी राज्य में अपनी पकड़ बढ़ाने के प्रयास का हिस्सा है, जहाँ वह पारंपरिक रूप से क्षेत्रीय पार्टियों से पीछे रही है। यूएलबी और संसद दोनों चुनावों के लिए एक ही व्यक्ति को जिम्मेदारी सौंपकर पार्टी एकजुट रणनीति अपनाना चाहती है, जिससे प्रयास बिखरने से बचा जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समेकित दृष्टिकोण वोट‑बेस को मजबूत कर दोनों स्तरों पर प्रदर्शन सुधार सकता है।

सुनील बंसल की नियुक्ति यह संकेत भी देती है कि भाजपा 2024 के आम चुनावों में अधिक आक्रामक अभियान चलाने का इरादा रखती है। पार्टी ने पहले ही प्रमुख जिलों में स्वयंसेवकों को जुटाया है और बूथ‑स्तर के कमेटियों की स्थापना शुरू कर दी है। इस वर्ष बाद में निर्धारित यूएलबी चुनाव भाजपा की संगठनात्मक ताकत की कसौटी होंगे, जो लोकसभा चुनाव में सफलता की नींव रखेंगे।

राज्य के भाजपा नेताओं ने बंसल के नेतृत्व में पार्टी को ठोस जीत मिलने की आशा जताई। उन्होंने कहा कि जल संकट, बुनियादी ढांचा विकास और रोजगार सृजन जैसे स्थानीय मुद्दों को संबोधित किया जाएगा, जबकि इन्हें राष्ट्रीय एजेंडा के साथ जोड़ा जाएगा।

यह कदम भाजपा की व्यापक रणनीति को दर्शाता है, जिसमें प्रमुख क्षेत्रों में अनुभवी अभियानों को तैनात करके जमीनी स्तर की मेहनत को चुनावी जीत में बदलने की कोशिश की जा रही है।
📲Get App