📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / ObamaKaMama
राजनीति
भाजपा ने सतिश पूनिया को जम्मू‑कश्मीर के इंचार्ज और राजकुमार भाटिया को लद्दाख के प्रमुख नियुक्त किया
✍️ Daily Excelsior
🗓 23 सित. 2026, 08:46 PM
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भाजपा ने वरिष्ठ नेता सतिश पूनिया को जम्मू‑कश्मीर की पार्टी कार्यवाही के इंचार्ज और राजकुमार भाटिया को लद्दाख के प्रमुख के रूप में नियुक्त किया, दैनिक एक्सेलसियर ने बताया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को घोषणा की कि वरिष्ठ पार्टी कार्यकर्ता सतिश पूनिया जम्मू‑कश्मीर इकाई के इंचार्ज के रूप में कार्य करेंगे। पूर्व सांसद और क्षेत्रीय नेता पूनिया, आगामी चुनावों से पहले पार्टी की जमीनी स्तर की गतिविधियों को समन्वित करने और संगठन को सुदृढ़ करने की जिम्मेदारी संभालेंगे।
इसी दौरान, पार्टी ने राजकुमार भाटिया को लद्दाख इकाई के प्रमुख नियुक्त किया। राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न पदों पर कार्य कर चुके भाटिया, इस ऊँचे शिखर वाले संघ क्षेत्र में भाजपा की उपस्थिति को सुदृढ़ करने के लिए जिम्मेदार होंगे।
इन नियुक्तियों की जानकारी दैनिक एक्सेलसियर को जारी किए गए एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से मिली। जबकि अभी तक विस्तृत रणनीतियों का खुलासा नहीं हुआ है, पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि ये कदम उत्तर के दो रणनीतिक क्षेत्रों में पार्टी के प्रदर्शन को पुनर्जीवित करने के लिए उठाए गए हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि जम्मू‑कश्मीर और लद्दाख की विशिष्ट राजनीतिक परिस्थितियों को समझने के लिए अनुभवी नेताओं का चयन किया गया है, खासकर हालिया प्रशासनिक बदलावों के बाद।
भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने इन नए इंचार्जों की प्रगति को निकटता से देखना और आने वाले महीनों में नियमित समीक्षाएँ करना तय किया है।
इसी दौरान, पार्टी ने राजकुमार भाटिया को लद्दाख इकाई के प्रमुख नियुक्त किया। राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न पदों पर कार्य कर चुके भाटिया, इस ऊँचे शिखर वाले संघ क्षेत्र में भाजपा की उपस्थिति को सुदृढ़ करने के लिए जिम्मेदार होंगे।
इन नियुक्तियों की जानकारी दैनिक एक्सेलसियर को जारी किए गए एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से मिली। जबकि अभी तक विस्तृत रणनीतियों का खुलासा नहीं हुआ है, पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि ये कदम उत्तर के दो रणनीतिक क्षेत्रों में पार्टी के प्रदर्शन को पुनर्जीवित करने के लिए उठाए गए हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि जम्मू‑कश्मीर और लद्दाख की विशिष्ट राजनीतिक परिस्थितियों को समझने के लिए अनुभवी नेताओं का चयन किया गया है, खासकर हालिया प्रशासनिक बदलावों के बाद।
भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने इन नए इंचार्जों की प्रगति को निकटता से देखना और आने वाले महीनों में नियमित समीक्षाएँ करना तय किया है।