📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / कृष्ण कान्त शर्मा
राजनीति
चित्तौड़गढ़ में भाजपा और कांग्रेस ने चुनाव के बाद बोर्ड के लिए बहुमत जुटाने की दौड़ शुरू की
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 12 सित. 2026, 01:47 PM
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रावतभाटा नगर पालिका चुनाव के बाद चित्तौड़गढ़ में भाजपा और कांग्रेस बहुमत जुटाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। भाजपा ने 39 उम्मीदवारों और एक निर्दलीय को बाहर कर अपनी स्थिति मजबूत की है।
रावतभाटा नगर पालिका चुनाव के बाद चित्तौड़गढ़ में राजनीतिक दल बोर्ड बनाने के लिए दौड़ लगा रहे हैं। भाजपा ने 39 उम्मीदवारों और एक निर्दलीय को बाहर कर अपनी स्थिति मजबूत करने की रणनीति अपनाई है, जिसे 'बाड़ेबंदी' कहा जा रहा है।
कांग्रेस भी पीछे नहीं है, स्थानीय नेताओं और संभावित गठबंधन साझेदारों से मिलकर बहुमत जुटाने की कोशिश कर रही है।
यह कदम चित्तौड़गढ़ के नगर पालिका बोर्ड पर नियंत्रण के लिए चल रही व्यापक प्रतिस्पर्धा के बीच आया है, जहाँ शक्ति का संतुलन प्रमुख विकास परियोजनाओं और स्थानीय शासन को प्रभावित करेगा।
विश्लेषकों का कहना है कि दोनों दलों की तेज़ी से जुटान इस बात का संकेत है कि आगामी चुनावों में किसी भी तरह की शक्ति खोने का जोखिम बहुत अधिक है।
यह राजनीतिक संघर्ष अगले कार्यकाल में चित्तौड़गढ़ की प्रशासनिक एजेंडा को आकार देने की उम्मीद है, क्योंकि दल स्थायी बहुमत सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत हैं।
कांग्रेस भी पीछे नहीं है, स्थानीय नेताओं और संभावित गठबंधन साझेदारों से मिलकर बहुमत जुटाने की कोशिश कर रही है।
यह कदम चित्तौड़गढ़ के नगर पालिका बोर्ड पर नियंत्रण के लिए चल रही व्यापक प्रतिस्पर्धा के बीच आया है, जहाँ शक्ति का संतुलन प्रमुख विकास परियोजनाओं और स्थानीय शासन को प्रभावित करेगा।
विश्लेषकों का कहना है कि दोनों दलों की तेज़ी से जुटान इस बात का संकेत है कि आगामी चुनावों में किसी भी तरह की शक्ति खोने का जोखिम बहुत अधिक है।
यह राजनीतिक संघर्ष अगले कार्यकाल में चित्तौड़गढ़ की प्रशासनिक एजेंडा को आकार देने की उम्मीद है, क्योंकि दल स्थायी बहुमत सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत हैं।