बृजेश यादव शिक्षा निरीक्षण पद से दिया इस्तीफा BSA पर लगाया गंभीर आरोप
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बृजेश यादव ने समाज के हित को देखते हुए bsa को सौंपे इस्तीफा
शिक्षा निरीक्षक बृजेश यादव ने दिया इस्तीफा, कार्यालय स्तर पर भ्रष्टाचार का लगाया गंभीर आरोप
इस्तीफे में लिखा: 'रिश्वतखोरी और दबाव के चलते ईमानदारी से काम करना असंभव, मानसिक रूप से प्रताड़ित होने के बजाय पद त्यागना बेहतर'
अयोध्या (जागरण ब्यूरो)। अयोध्या जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के भीतर एक बड़ा प्रशासनिक भूचाल आ गया है। शिक्षा निरीक्षक के पद पर कार्यरत बृजेश यादव ने अपने पद से तत्काल प्रभाव से त्यागपत्र दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा सीधे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, अयोध्या को सौंपा है।
मुख्य बिंदु: भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख
बृजेश यादव ने अपने त्यागपत्र में लिखा कि विभाग के अंदर व्यापक रिश्वतखोरी, अनुचित दबाव और भ्रष्ट कार्य वातावरण के कारण वे मानसिक रूप से व्यथित थे।
इस्तीफे में बृजेश यादव ने बेहद पीड़ा व्यक्त करते हुए लिखा है कि शासकीय सेवा में आने का उनका मुख्य उद्देश्य पूरी निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ शिक्षा विभाग और समाज की सेवा करना था। परंतु, अत्यंत खेद के साथ उन्हें यह कदम उठाना पड़ रहा है क्योंकि कार्यालय स्तर पर रिश्वत (रिश्वतखोरी) की मांग और दबाव के कारण इस पद पर बने रहकर ईमानदारी से कर्तव्यों का निर्वहन करना असंभव हो चुका है।
त्यागपत्र के मुख्य अंश:
"एक लोक सेवक के रूप में मेरे नैतिक मूल्य और अंतरात्मा मुझे इस प्रकार की भ्रष्ट और अनैतिक गतिविधियों का हिस्सा बनने की अनुमति नहीं देते। इस समझौते और भ्रष्ट वातावरण के कारण मानसिक रूप से प्रताड़ित होने के बजाय, मैंने इस सेवा से स्वेच्छा से मुक्त होने का निर्णय लिया है।"
उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से विनम्र प्रार्थना की है कि उनका त्यागपत्र तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया जाए। पत्र पर 04/11/2026 की तिथि अंकित है और इसे फैजाबाद/अयोध्या बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा प्राप्त भी किया गया है।
बृजेश यादव (शिक्षा निरीक्षक, अयोध्या)
इस्तीफे में लिखा: 'रिश्वतखोरी और दबाव के चलते ईमानदारी से काम करना असंभव, मानसिक रूप से प्रताड़ित होने के बजाय पद त्यागना बेहतर'
अयोध्या (जागरण ब्यूरो)। अयोध्या जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के भीतर एक बड़ा प्रशासनिक भूचाल आ गया है। शिक्षा निरीक्षक के पद पर कार्यरत बृजेश यादव ने अपने पद से तत्काल प्रभाव से त्यागपत्र दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा सीधे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, अयोध्या को सौंपा है।
मुख्य बिंदु: भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख
बृजेश यादव ने अपने त्यागपत्र में लिखा कि विभाग के अंदर व्यापक रिश्वतखोरी, अनुचित दबाव और भ्रष्ट कार्य वातावरण के कारण वे मानसिक रूप से व्यथित थे।
इस्तीफे में बृजेश यादव ने बेहद पीड़ा व्यक्त करते हुए लिखा है कि शासकीय सेवा में आने का उनका मुख्य उद्देश्य पूरी निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ शिक्षा विभाग और समाज की सेवा करना था। परंतु, अत्यंत खेद के साथ उन्हें यह कदम उठाना पड़ रहा है क्योंकि कार्यालय स्तर पर रिश्वत (रिश्वतखोरी) की मांग और दबाव के कारण इस पद पर बने रहकर ईमानदारी से कर्तव्यों का निर्वहन करना असंभव हो चुका है।
त्यागपत्र के मुख्य अंश:
"एक लोक सेवक के रूप में मेरे नैतिक मूल्य और अंतरात्मा मुझे इस प्रकार की भ्रष्ट और अनैतिक गतिविधियों का हिस्सा बनने की अनुमति नहीं देते। इस समझौते और भ्रष्ट वातावरण के कारण मानसिक रूप से प्रताड़ित होने के बजाय, मैंने इस सेवा से स्वेच्छा से मुक्त होने का निर्णय लिया है।"
उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से विनम्र प्रार्थना की है कि उनका त्यागपत्र तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया जाए। पत्र पर 04/11/2026 की तिथि अंकित है और इसे फैजाबाद/अयोध्या बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा प्राप्त भी किया गया है।
बृजेश यादव (शिक्षा निरीक्षक, अयोध्या)