स्थानीय
बिजली विभाग की लापरवाही से किसान की भैंस की मौत, ग्रामीणों में आक्रोश
अलीगंज प्रखंड के मतवलवा गांव में सड़क पर 20 दिनों से गिरे बिजली के तार की चपेट में आने से एक किसान की भैंस की मौत हो गई। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग की है।
जमुई जिला के अलीगंज प्रखंड अंतर्गत आढ़ा ग्राम पंचायत के मतवलवा गांव में बिजली विभाग की कथित लापरवाही के कारण एक किसान की भैंस की मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सड़क पर पिछले करीब 20 दिनों से बिजली का तार गिरा हुआ था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने बार-बार बिजली विभाग के जेई को इस संबंध में सूचित किया था, लेकिन विभाग द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
गुरुवार को इसी लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ा जब मतबलबा गांव के एक किसान की भैंस गिरे हुए बिजली के तार की चपेट में आ गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि इस भैंस की कीमत लगभग 50 हजार रुपये थी, जिससे किसान को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। पशुधन किसानों के लिए केवल संपत्ति नहीं, बल्कि उनकी आजीविका का एक महत्वपूर्ण साधन होता है।
स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि यदि बिजली विभाग समय रहते सड़क पर गिरे तार को हटा देता या विद्युत आपूर्ति बंद कर उसे ठीक कर देता, तो यह हादसा टाला जा सकता था। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि जिस खुले तार की चपेट में आकर भैंस की जान गई, उसी की चपेट में कोई इंसान भी आ सकता था और एक बड़ा हादसा हो सकता था।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग से इस मामले की तत्काल जांच कराने, दोषियों पर कार्रवाई करने और पीड़ित किसान को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। उन्होंने विभाग से अपील की है कि बिजली के खुले और गिरे तारों के प्रति गंभीरता दिखाई जाए ताकि भविष्य में किसी भी नागरिक की जान जोखिम में न पड़े।
गुरुवार को इसी लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ा जब मतबलबा गांव के एक किसान की भैंस गिरे हुए बिजली के तार की चपेट में आ गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि इस भैंस की कीमत लगभग 50 हजार रुपये थी, जिससे किसान को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। पशुधन किसानों के लिए केवल संपत्ति नहीं, बल्कि उनकी आजीविका का एक महत्वपूर्ण साधन होता है।
स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि यदि बिजली विभाग समय रहते सड़क पर गिरे तार को हटा देता या विद्युत आपूर्ति बंद कर उसे ठीक कर देता, तो यह हादसा टाला जा सकता था। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि जिस खुले तार की चपेट में आकर भैंस की जान गई, उसी की चपेट में कोई इंसान भी आ सकता था और एक बड़ा हादसा हो सकता था।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग से इस मामले की तत्काल जांच कराने, दोषियों पर कार्रवाई करने और पीड़ित किसान को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। उन्होंने विभाग से अपील की है कि बिजली के खुले और गिरे तारों के प्रति गंभीरता दिखाई जाए ताकि भविष्य में किसी भी नागरिक की जान जोखिम में न पड़े।