📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / asqwlk
स्थानीय
बिहारशरीफ में नगर निगम ने शुरू किया आवारा कुत्ता अभियान, पहले दिन 6 कुत्ते पकड़े
✍️ Amar Ujala · Patna
🗓 15 सित. 2026, 07:47 AM
👁 11
बिहारशरीफ नगर निगम ने आवारा कुत्तों की समस्या कम करने के लिए अभियान शुरू किया, पहले दिन विशेष डॉग कैचर वाहन से छह कुत्ते पकड़े।
बिहारशरीफ नगर निगम ने बढ़ते आवारा कुत्तों के आतंक को रोकने के लिए एक अभियान शुरू किया है, जिससे नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ कम हों। प्रशिक्षित टीम को विशेष डॉग कैचर वाहन से सुसज्जित कर सुबह ही शहर के विभिन्न क्षेत्रों में कुत्तों को खोजने और सुरक्षित रूप से पकड़ने के लिए तैनात किया गया।
पहले दिन टीम ने छह आवारा कुत्तों को सफलतापूर्वक पकड़ा। पकड़े गए कुत्तों को अस्थायी रूप से रखरखाव केंद्र में ले जाया गया और फिर शहर की सीमा से बाहर छोड़ दिया गया, जैसा कि नगर निगम की नीतियों में निर्धारित है।
नगर निगम ने बताया कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक शहर में आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रण योग्य स्तर तक नहीं पहुँच जाती। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त वाहन और कर्मियों को भी तैनात किया जाएगा।
रहवासियों से अनुरोध किया गया है कि वे आवारा कुत्तों की sightings की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें और सार्वजनिक स्थानों में उन्हें भोजन न दें, क्योंकि इस अभियान की सफलता में सामुदायिक सहयोग महत्वपूर्ण है।
यह कदम बिहार के कई स्थानीय निकायों की व्यापक नीति का हिस्सा है, जिसमें पशु कल्याण और सार्वजनिक सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है, विशेषकर कुत्तों से जुड़ी शिकायतों के बढ़ते मामलों के मद्देनज़र।
पहले दिन टीम ने छह आवारा कुत्तों को सफलतापूर्वक पकड़ा। पकड़े गए कुत्तों को अस्थायी रूप से रखरखाव केंद्र में ले जाया गया और फिर शहर की सीमा से बाहर छोड़ दिया गया, जैसा कि नगर निगम की नीतियों में निर्धारित है।
नगर निगम ने बताया कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक शहर में आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रण योग्य स्तर तक नहीं पहुँच जाती। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त वाहन और कर्मियों को भी तैनात किया जाएगा।
रहवासियों से अनुरोध किया गया है कि वे आवारा कुत्तों की sightings की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें और सार्वजनिक स्थानों में उन्हें भोजन न दें, क्योंकि इस अभियान की सफलता में सामुदायिक सहयोग महत्वपूर्ण है।
यह कदम बिहार के कई स्थानीय निकायों की व्यापक नीति का हिस्सा है, जिसमें पशु कल्याण और सार्वजनिक सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है, विशेषकर कुत्तों से जुड़ी शिकायतों के बढ़ते मामलों के मद्देनज़र।