📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / India Post, Government of India
अपराध
बिहार में पेपर लीक के आरोपी संजीव कुमार को ईओयू ने पुलिस रिमांड पर रखा
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 02 सित. 2026, 07:37 PM
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ईओयू ने कोर्ट की अनुमति से संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया को पुलिस रिमांड पर रखा है; वे पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षा में धांधली के कई मामलों में आरोपी हैं, जो पुराने पत्रकारनगर थाना कांड से जुड़े हैं।
बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने कोर्ट की अनुमति से संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया को पुलिस रिमांड पर रखने की मंजूरी ली है। मुखिया पर पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के कई मामलों में आरोप लगे हैं, जो पत्रकारनगर थाना के पुराने कांड से जुड़े हैं।
अदालत ने बताया कि रिमांड का उद्देश्य पत्रकारनगर थाना में दर्ज कई धांधली के आरोपों की सच्चाई का पता लगाना है, जिसमें प्रश्नपत्रों का अवैध वितरण शामिल है।
ईओयू की पूछताछ से यह स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है कि इस लीक में कितने लोग शामिल थे और उनका नेटवर्क कितना विस्तृत था। अभी तक आरोपी के वकील ने कोई टिप्पणी नहीं की है, और जांच जारी है।
यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो संजीव मुखिया को भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत कड़ी सजा का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि परीक्षा‑धांधली को गंभीर अपराध माना जाता है।
यह मामला भारत में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं को उजागर करता है और पेपर‑लीक जैसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए सख्त कदमों की आवश्यकता पर बल देता है।
अदालत ने बताया कि रिमांड का उद्देश्य पत्रकारनगर थाना में दर्ज कई धांधली के आरोपों की सच्चाई का पता लगाना है, जिसमें प्रश्नपत्रों का अवैध वितरण शामिल है।
ईओयू की पूछताछ से यह स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है कि इस लीक में कितने लोग शामिल थे और उनका नेटवर्क कितना विस्तृत था। अभी तक आरोपी के वकील ने कोई टिप्पणी नहीं की है, और जांच जारी है।
यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो संजीव मुखिया को भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत कड़ी सजा का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि परीक्षा‑धांधली को गंभीर अपराध माना जाता है।
यह मामला भारत में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं को उजागर करता है और पेपर‑लीक जैसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए सख्त कदमों की आवश्यकता पर बल देता है।