📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Information and Public Relations Department, Gover
अपराध
बिहार पुलिस उप-निरीक्षक को फर्जी नीलामी और शराब जब्ती के मामले में गिरफ्तार
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 10 अक्टू. 2026, 05:16 PM
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बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई ने शराब जब्ती, फर्जी नंबर प्लेट और अवैध गाड़ी नीलामी के आरोप में एक उप-निरीक्षक व दो अन्य कर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOYU) ने एक उप-निरीक्षक व दो अन्य कर्मियों को शराब जब्ती, फर्जी नंबर प्लेट और अवैध गाड़ी नीलामी के मामले में गिरफ्तार कर लिया है।
अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने शराब के स्टॉक को चुराने के लिए एक सिंडिकेट के साथ मिलकर काम किया, नकली वाहन पंजीकरण दस्तावेज़ बनवाए और एक गाड़ी को फर्जी नीलामी के माध्यम से बेचा।
इसी के अनुसार, जांच एक गवाह की सूचना के बाद शुरू हुई, जिसने शराब के भंडारण में अनियमितताओं की रिपोर्ट की। EOYU ने बताया कि जांच के दौरान बड़ी मात्रा में अवैध शराब और नकली प्लेटें जब्त की गईं।
गिरफ्तार अधिकारियों पर भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम और मोटर वाहन अधिनियम के तहत आरोप लगाए जाने की संभावना है। पुलिस ने यह भी कहा कि मामले को कानून के अनुसार पूरी तरह से आगे बढ़ाया जाएगा।
इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि बिहार पुलिस आर्थिक अपराधों से निपटने और राज्य के संसाधनों की रक्षा करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने शराब के स्टॉक को चुराने के लिए एक सिंडिकेट के साथ मिलकर काम किया, नकली वाहन पंजीकरण दस्तावेज़ बनवाए और एक गाड़ी को फर्जी नीलामी के माध्यम से बेचा।
इसी के अनुसार, जांच एक गवाह की सूचना के बाद शुरू हुई, जिसने शराब के भंडारण में अनियमितताओं की रिपोर्ट की। EOYU ने बताया कि जांच के दौरान बड़ी मात्रा में अवैध शराब और नकली प्लेटें जब्त की गईं।
गिरफ्तार अधिकारियों पर भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम और मोटर वाहन अधिनियम के तहत आरोप लगाए जाने की संभावना है। पुलिस ने यह भी कहा कि मामले को कानून के अनुसार पूरी तरह से आगे बढ़ाया जाएगा।
इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि बिहार पुलिस आर्थिक अपराधों से निपटने और राज्य के संसाधनों की रक्षा करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।