📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Wikimedia Commons
स्वास्थ्य
टीबी के खिलाफ भारत की लड़ाई में बिहार ने दिखाया मजबूत कदम
✍️ Hindustan Times
🗓 27 सित. 2026, 04:31 AM
👁 14
बिहार को टीबी उन्मूलन अभियान में अग्रणी राज्य कहा गया है, क्योंकि उसने स्क्रीनिंग और उपचार में तेज़ कदम उठाए हैं।
राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम की नई रिपोर्टों में बिहार को देश में टीबी को कम करने में निरंतर अग्रणी बताया गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने राज्य की सक्रिय केस‑फ़ाइंडिंग अभियानों, सामुदायिक उपचार निगरानी और सटीक डेटा मॉनिटरिंग को इस प्रगति के मुख्य कारण माना है।
राज्य सरकार ने उच्च जोखिम वाले जिलों में घर‑घर स्क्रीनिंग को बढ़ाया है और स्थानीय NGOs के साथ साझेदारी को सुदृढ़ किया है, जिससे रोगियों को दवा पूरी करने में मदद मिल रही है। इन कदमों से उपचार में डिफॉल्ट दर घटी है और कुल मिलाकर सफलता दर में सुधार हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार का मॉडल उन अन्य राज्यों के लिए उदाहरण बन सकता है, जहाँ टीबी का बोझ अधिक है। उन्होंने निरंतर राजनीतिक इच्छाशक्ति और जमीनी स्तर की भागीदारी के महत्व पर ज़ोर दिया। केंद्र के स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्य की प्रतिबद्धता की सराहना की है और इस के सर्वोत्तम अभ्यासों को देश भर में दोहराने का आग्रह किया है।
हालांकि दूरस्थ क्षेत्रों में चुनौतियाँ अभी भी मौजूद हैं, बिहार की स्वास्थ्य विभाग डिजिटल ट्रैकिंग टूल को बढ़ाने और जागरूकता अभियानों को विस्तारित करने की योजना बना रहा है, ताकि अब तक की उपलब्धियों को बनाए रखा जा सके।
राज्य सरकार ने उच्च जोखिम वाले जिलों में घर‑घर स्क्रीनिंग को बढ़ाया है और स्थानीय NGOs के साथ साझेदारी को सुदृढ़ किया है, जिससे रोगियों को दवा पूरी करने में मदद मिल रही है। इन कदमों से उपचार में डिफॉल्ट दर घटी है और कुल मिलाकर सफलता दर में सुधार हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार का मॉडल उन अन्य राज्यों के लिए उदाहरण बन सकता है, जहाँ टीबी का बोझ अधिक है। उन्होंने निरंतर राजनीतिक इच्छाशक्ति और जमीनी स्तर की भागीदारी के महत्व पर ज़ोर दिया। केंद्र के स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्य की प्रतिबद्धता की सराहना की है और इस के सर्वोत्तम अभ्यासों को देश भर में दोहराने का आग्रह किया है।
हालांकि दूरस्थ क्षेत्रों में चुनौतियाँ अभी भी मौजूद हैं, बिहार की स्वास्थ्य विभाग डिजिटल ट्रैकिंग टूल को बढ़ाने और जागरूकता अभियानों को विस्तारित करने की योजना बना रहा है, ताकि अब तक की उपलब्धियों को बनाए रखा जा सके।