📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vice President's Secretariat
स्वास्थ्य
बिहार में शराब प्रतिबंध के बाद ड्रग्स की लहर, नशे की नई मार
✍️ The Indian Express
🗓 22 अक्टू. 2026, 07:01 AM
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दस साल के शराब प्रतिबंध के बाद, बिहार में नशे की लहर तेज़ हुई है, जिससे स्वास्थ्य अधिकारियों को नई घातक चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
बिहार में पिछले दस वर्षों से शराब पर पूर्ण प्रतिबंध है, जिसका उद्देश्य नशे की लत को रोकना था। हाल के आंकड़ों से पता चलता है कि यह प्रतिबंध नशे को समाप्त नहीं कर पाया, बल्कि लोगों को अवैध ड्रग्स की ओर मोड़ रहा है, जिससे एक नई सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट उत्पन्न हुआ है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि राज्य भर में नशे‑से‑जुड़ी बीमारियों के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है, जिसमें ओपिओइड और स्टिमुलेंट्स का दुरुपयोग शामिल है। पटना जैसे शहरी क्षेत्रों में ओवरडोज़ और निकासी लक्षणों के कारण आपातकालीन भर्ती में बढ़ोतरी हुई है।
सरकार ने इस समस्या को सुलझाने के लिए ड्रग तस्करी नेटवर्क की निगरानी को कड़ा किया है और डी‑ऐडिक्शन सेंटरों का विस्तार किया है। अधिकारियों का मानना है कि कानून प्रवर्तन और स्वास्थ्य सेवाओं के बीच समन्वित प्रयास ही इस बढ़ते खतरे को रोकने में कारगर होंगे।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि राज्य भर में नशे‑से‑जुड़ी बीमारियों के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है, जिसमें ओपिओइड और स्टिमुलेंट्स का दुरुपयोग शामिल है। पटना जैसे शहरी क्षेत्रों में ओवरडोज़ और निकासी लक्षणों के कारण आपातकालीन भर्ती में बढ़ोतरी हुई है।
सरकार ने इस समस्या को सुलझाने के लिए ड्रग तस्करी नेटवर्क की निगरानी को कड़ा किया है और डी‑ऐडिक्शन सेंटरों का विस्तार किया है। अधिकारियों का मानना है कि कानून प्रवर्तन और स्वास्थ्य सेवाओं के बीच समन्वित प्रयास ही इस बढ़ते खतरे को रोकने में कारगर होंगे।