📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Information and Public Relations Department, Gover
मौसम
बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बाढ़ के लिए राष्ट्रीय आपदा दर्जी का आग्रह, केंद्र की आलोचना
✍️ The Times of India
🗓 13 सित. 2026, 07:01 PM
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उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने चल रही बिहार बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की, केंद्र की "सौतेली माँ" जैसी प्रतिक्रिया की निंदा की।
भारी मानसून की बारिशों ने बिहार के कई क्षेत्रों को पानी में डुबो दिया है, जिससे हजारों लोग बेघर हो गए हैं और सड़कों, स्कूलों व कृषि क्षेत्रों में जलभराव हुआ है। उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने एक प्रेस ब्रीफ़िंग में कहा कि इस आपदा की सीमा को देखते हुए इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाना चाहिए, जिससे केंद्र से फंड और संसाधन तुरंत उपलब्ध हो सकेंगे।
यादव ने केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया को "सौतेली माँ" जैसा कहा, यह आरोप लगाते हुए कि सहायता में देरी और कमी है, जबकि समान आपदा से जूझ रहे अन्य राज्यों को अधिक मदद मिल रही है। उन्होंने त्वरित कार्रवाई का आग्रह किया, यह रेखांकित करते हुए कि प्रभावित लोगों को तुरंत चिकित्सा, भोजन और आश्रय की आवश्यकता है।
राष्ट्रीय आपदा दर्जी मिलने पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की तैनाती और प्रधानमंत्री राहत कोष के तहत वित्तीय सहायता तेज़ी से दी जाएगी। राज्य के अधिकारियों ने स्थिति का आकलन कर केंद्रीय एजेंसियों को औपचारिक अनुरोध भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बाढ़ का पानी बढ़ता ही जा रहा है, स्थानीय प्रशासन बचाव कार्य जारी रख रहा है और अस्थायी शिविर स्थापित कर रहा है। प्रशासन ने नागरिकों से निकासी और राहत वितरण में सहयोग करने का अनुरोध किया है, साथ ही आगे की बारिश के लिए मौसम विभाग की भविष्यवाणी पर नजर रखी जा रही है।
यादव ने केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया को "सौतेली माँ" जैसा कहा, यह आरोप लगाते हुए कि सहायता में देरी और कमी है, जबकि समान आपदा से जूझ रहे अन्य राज्यों को अधिक मदद मिल रही है। उन्होंने त्वरित कार्रवाई का आग्रह किया, यह रेखांकित करते हुए कि प्रभावित लोगों को तुरंत चिकित्सा, भोजन और आश्रय की आवश्यकता है।
राष्ट्रीय आपदा दर्जी मिलने पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की तैनाती और प्रधानमंत्री राहत कोष के तहत वित्तीय सहायता तेज़ी से दी जाएगी। राज्य के अधिकारियों ने स्थिति का आकलन कर केंद्रीय एजेंसियों को औपचारिक अनुरोध भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बाढ़ का पानी बढ़ता ही जा रहा है, स्थानीय प्रशासन बचाव कार्य जारी रख रहा है और अस्थायी शिविर स्थापित कर रहा है। प्रशासन ने नागरिकों से निकासी और राहत वितरण में सहयोग करने का अनुरोध किया है, साथ ही आगे की बारिश के लिए मौसम विभाग की भविष्यवाणी पर नजर रखी जा रही है।