📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Surajkumar12111
धर्म
बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने गयाजी के लिए 3500 करोड़ का विष्णुपद कॉरिडोर घोषित किया
✍️ Amar Ujala · Gaya
🗓 25 सित. 2026, 07:36 PM
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पितृपक्ष मेले के उद्घाटन पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गयाजी के विकास के लिए 3500 करोड़ रुपये का विष्णुपद कॉरिडोर और सालभर फल्गु नदी में जल प्रवाह की योजना की घोषणा की, जिससे खाड़ी देशों को गयाजी से जोड़ा जाएगा और धार्मिक पर्यटन बढ़ेगा।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पितृपक्ष मेले 2026 के उद्घाटन समारोह में गयाजी के विकास के लिए एक बड़े पैमाने की योजना की घोषणा की। इस योजना में विष्णुपद मंदिर के चारों ओर एक विशेष कॉरिडोर बनाने के लिए 3500 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे, जिससे तीर्थयात्रियों की आवागमन सुविधा में सुधार होगा।
कॉरिडोर के साथ ही फल्गु नदी में सालभर जल प्रवाह सुनिश्चित करने के उपाय भी प्रस्तावित हैं, जिससे मौसमी जल कमी के कारण होने वाले धार्मिक असुविधा को दूर किया जा सके। निरंतर जल आपूर्ति से नदी के स्नान स्थल की पवित्रता बनी रहेगी।
योजना का एक उल्लेखनीय पहलू खाड़ी देशों के साथ सीधा कनेक्शन स्थापित करना है, जिससे वहाँ रहने वाले भारतीय प्रवासी और अन्य विदेशी तीर्थयात्री गयाजी तक आसानी से पहुँच सकें। सरकार का मानना है कि यह पहल धार्मिक पर्यटन में वृद्धि और क्षेत्रीय आर्थिक लाभ दोनों को बढ़ावा देगी।
राज्य के पर्यटन एवं धार्मिक मामलों के विभाग को विस्तृत परियोजना डिजाइन तैयार करने और आवश्यकतानुसार केंद्र सरकार से सहयोग मांगने का कार्य सौंपा गया है। विस्तृत व्यवहार्यता अध्ययन के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा, जिसकी अवधि कई वर्षों की अनुमानित है।
यदि योजना के अनुसार कार्यान्वित किया गया तो विष्णुपद कॉरिडोर और निरंतर जल प्रवाह परियोजना गयाजी को प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में स्थापित कर सकती है, बोधगया के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को आकर्षित करेगी।
कॉरिडोर के साथ ही फल्गु नदी में सालभर जल प्रवाह सुनिश्चित करने के उपाय भी प्रस्तावित हैं, जिससे मौसमी जल कमी के कारण होने वाले धार्मिक असुविधा को दूर किया जा सके। निरंतर जल आपूर्ति से नदी के स्नान स्थल की पवित्रता बनी रहेगी।
योजना का एक उल्लेखनीय पहलू खाड़ी देशों के साथ सीधा कनेक्शन स्थापित करना है, जिससे वहाँ रहने वाले भारतीय प्रवासी और अन्य विदेशी तीर्थयात्री गयाजी तक आसानी से पहुँच सकें। सरकार का मानना है कि यह पहल धार्मिक पर्यटन में वृद्धि और क्षेत्रीय आर्थिक लाभ दोनों को बढ़ावा देगी।
राज्य के पर्यटन एवं धार्मिक मामलों के विभाग को विस्तृत परियोजना डिजाइन तैयार करने और आवश्यकतानुसार केंद्र सरकार से सहयोग मांगने का कार्य सौंपा गया है। विस्तृत व्यवहार्यता अध्ययन के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा, जिसकी अवधि कई वर्षों की अनुमानित है।
यदि योजना के अनुसार कार्यान्वित किया गया तो विष्णुपद कॉरिडोर और निरंतर जल प्रवाह परियोजना गयाजी को प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में स्थापित कर सकती है, बोधगया के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को आकर्षित करेगी।