📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Samratudhd
अपराध
बिहार सीएम कार्यालय के कर्मचारियों को साम्राट चौधरी के X हैंडल पर पीड़ित की फोटो साझा करने पर बुक किया गया
✍️ The Indian Express
🗓 26 सित. 2026, 12:45 PM
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बिहार के मुख्यमंत्री कार्यालय के चार कर्मचारियों को साम्राट चौधरी के X हैंडल पर जमुई के पीड़ित की फोटो साझा करने के आरोप में बुक किया गया है।
पटना पुलिस ने बिहार के मुख्यमंत्री के सचिवालय से जुड़े चार कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है, क्योंकि जमुई जिले के एक हत्या पीड़ित की फोटो साम्राट चौधरी के X (पहले ट्विटर) प्रोफ़ाइल पर प्रकाशित हुई थी। यह तस्वीर, जिसमें मृतक की छवि थी, बिना अनुमति के साझा की गई थी और पीड़ित के परिवार ने गोपनीयता का उल्लंघन और शोक को बढ़ाने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई।
जांच के अनुसार, इन कर्मचारियों ने यह फोटो राजनेता की सोशल‑मीडिया टीम को भेजी, जो भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत प्रतिबंधित है। पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत उन्हें बुक किया है और वर्तमान में जांच चल रही है।
इस घटना की निंदा विपक्षी दलों और नागरिक अधिकार संगठनों ने की है, जो तर्क देते हैं कि सार्वजनिक पदाधिकारियों को डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर उच्च मानक बनाए रखना चाहिए। बिहार सरकार ने अभी तक आधिकारिक बयान नहीं दिया, पर स्रोतों का कहना है कि कानूनी कार्यवाही के साथ-साथ आंतरिक अनुशासनात्मक कार्रवाई भी हो सकती है।
यह मामला सार्वजनिक व्यक्तियों और उनके सहयोगियों द्वारा सोशल मीडिया के दुरुपयोग के बारे में बढ़ती चिंताओं को उजागर करता है, विशेषकर संवेदनशील आपराधिक मामलों में। अधिकारियों ने जनता से ऐसे उल्लंघनों की सूचना देने का आह्वान किया है, ताकि जिम्मेदारी तय की जा सके और पीड़ितों एवं उनके परिवारों की गरिमा की रक्षा हो सके।
जांच के अनुसार, इन कर्मचारियों ने यह फोटो राजनेता की सोशल‑मीडिया टीम को भेजी, जो भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत प्रतिबंधित है। पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत उन्हें बुक किया है और वर्तमान में जांच चल रही है।
इस घटना की निंदा विपक्षी दलों और नागरिक अधिकार संगठनों ने की है, जो तर्क देते हैं कि सार्वजनिक पदाधिकारियों को डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर उच्च मानक बनाए रखना चाहिए। बिहार सरकार ने अभी तक आधिकारिक बयान नहीं दिया, पर स्रोतों का कहना है कि कानूनी कार्यवाही के साथ-साथ आंतरिक अनुशासनात्मक कार्रवाई भी हो सकती है।
यह मामला सार्वजनिक व्यक्तियों और उनके सहयोगियों द्वारा सोशल मीडिया के दुरुपयोग के बारे में बढ़ती चिंताओं को उजागर करता है, विशेषकर संवेदनशील आपराधिक मामलों में। अधिकारियों ने जनता से ऐसे उल्लंघनों की सूचना देने का आह्वान किया है, ताकि जिम्मेदारी तय की जा सके और पीड़ितों एवं उनके परिवारों की गरिमा की रक्षा हो सके।