📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Information and public relations department Govern
शिक्षा
बिहार में समस्तीपुर और छपरा के दो मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस प्रवेश मंजूर
✍️ Amar Ujala · Patna
🗓 05 सित. 2026, 01:02 PM
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स्वास्थ्य मंत्री ने समस्तीपुर और छपरा के दो मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस पाठ्यक्रम की मंजूरी और 50‑50 सीटों के वितरण की घोषणा की।
पटना, बिहार – स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने बताया कि समस्तीपुर और छपरा में स्थित दो मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस पढ़ाई के लिए मंजूरी दे दी गई है। इस मंजूरी में सीटों का 50‑50 वितरण किया गया है, जिसमें आधी सीटें राज्य कोटा के तहत और बाकी आधी अन्य वर्गों के लिए खुली रहेंगी।
कुमार ने कहा कि यह कदम बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिससे स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण मेडिकल शिक्षा उपलब्ध हो सके। अधिक डॉक्टरों को राज्य में तैयार करके विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएँ लोगों के घर के निकट लाने का लक्ष्य है।
यह निर्णय राज्य में मेडिकल शिक्षा की क्षमता बढ़ाने के कई अनुमोदनों में से एक है, जो डॉक्टरों की कमी और ग्रामीण‑शहरी क्षेत्रों में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उठाया गया है।
दोनों कॉलेजों के प्रतिनिधियों को जल्द ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की उम्मीद है, जो मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया और राज्य स्वास्थ्य विभाग के दिशानिर्देशों के अनुसार होगी।
यह पहल बिहार के ऐसे स्वास्थ्य इकोसिस्टम के निर्माण की दिशा में है, जहाँ रोगी अपने घर के पास ही विशेषज्ञ देखभाल प्राप्त कर सकें।
कुमार ने कहा कि यह कदम बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिससे स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण मेडिकल शिक्षा उपलब्ध हो सके। अधिक डॉक्टरों को राज्य में तैयार करके विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएँ लोगों के घर के निकट लाने का लक्ष्य है।
यह निर्णय राज्य में मेडिकल शिक्षा की क्षमता बढ़ाने के कई अनुमोदनों में से एक है, जो डॉक्टरों की कमी और ग्रामीण‑शहरी क्षेत्रों में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उठाया गया है।
दोनों कॉलेजों के प्रतिनिधियों को जल्द ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की उम्मीद है, जो मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया और राज्य स्वास्थ्य विभाग के दिशानिर्देशों के अनुसार होगी।
यह पहल बिहार के ऐसे स्वास्थ्य इकोसिस्टम के निर्माण की दिशा में है, जहाँ रोगी अपने घर के पास ही विशेषज्ञ देखभाल प्राप्त कर सकें।