📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
बिज़नेस
बिहार ने ऊर्जा संकट को दूर करने के लिए 1.38 लाख करोड़ रुपये का सौर निवेश लक्ष्य रखा
✍️ The Indian Express
🗓 04 सित. 2026, 08:33 AM
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बिहार सरकार ऊर्जा की लगातार कमी को दूर करने के लिए लगभग 1.38 लाख करोड़ रुपये के सौर प्रोजेक्ट्स की तलाश में है।
बिहार लगातार बिजली की कमी से जूझ रहा है, और अब उसने लगभग 1.38 लाख करोड़ रुपये के सौर ऊर्जा निवेश का लक्ष्य रखा है। यह राशि राज्य प्रशासन ने सौर क्षमता बढ़ाने और पारंपरिक थर्मल प्लांटों पर निर्भरता घटाने के लिए तय की है।
राज्य के अधिकारियों ने बताया कि यह निवेश सार्वजनिक‑निजी भागीदारी, प्रतिस्पर्धी बोली और बड़े‑पैमाने पर सौर फार्मों के लिए प्रोत्साहनों के माध्यम से हासिल किया जाएगा। इस रणनीति से अगले दशक में स्थापित सौर क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।
यह कदम भारत के व्यापक नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों के साथ मेल खाता है, जहाँ केंद्र सरकार राज्यों को स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है। जबकि विस्तृत समय‑सीमा और परियोजना स्थलों का खुलासा नहीं हुआ है, यह घोषणा बिहार को पूर्वी भारत में एक प्रमुख सौर हब बनाने की इच्छा दर्शाती है।
विश्लेषकों का मानना है कि इतनी बड़ी पूंजी को सुरक्षित करने के लिए ठोस नीतियों, भूमि आवंटन और ग्रिड‑इंटीग्रेशन योजनाओं की जरूरत होगी। सफलता मिलने पर यह निवेश हजारों रोजगार सृजित कर सकता है और राज्य में घरों व उद्योगों को स्थिर बिजली आपूर्ति प्रदान कर सकता है।
बिहार सरकार ने कहा है कि सौर ऊर्जा को अपनी ऊर्जा‑सुरक्षा एजेंडा का मुख्य स्तंभ बनाया जाएगा, जिससे बार‑बार होने वाले लोड‑शेडिंग को कम किया जा सकेगा, जो आर्थिक गतिविधियों और दैनिक जीवन दोनों को प्रभावित करता रहा है।
राज्य के अधिकारियों ने बताया कि यह निवेश सार्वजनिक‑निजी भागीदारी, प्रतिस्पर्धी बोली और बड़े‑पैमाने पर सौर फार्मों के लिए प्रोत्साहनों के माध्यम से हासिल किया जाएगा। इस रणनीति से अगले दशक में स्थापित सौर क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।
यह कदम भारत के व्यापक नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों के साथ मेल खाता है, जहाँ केंद्र सरकार राज्यों को स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है। जबकि विस्तृत समय‑सीमा और परियोजना स्थलों का खुलासा नहीं हुआ है, यह घोषणा बिहार को पूर्वी भारत में एक प्रमुख सौर हब बनाने की इच्छा दर्शाती है।
विश्लेषकों का मानना है कि इतनी बड़ी पूंजी को सुरक्षित करने के लिए ठोस नीतियों, भूमि आवंटन और ग्रिड‑इंटीग्रेशन योजनाओं की जरूरत होगी। सफलता मिलने पर यह निवेश हजारों रोजगार सृजित कर सकता है और राज्य में घरों व उद्योगों को स्थिर बिजली आपूर्ति प्रदान कर सकता है।
बिहार सरकार ने कहा है कि सौर ऊर्जा को अपनी ऊर्जा‑सुरक्षा एजेंडा का मुख्य स्तंभ बनाया जाएगा, जिससे बार‑बार होने वाले लोड‑शेडिंग को कम किया जा सकेगा, जो आर्थिक गतिविधियों और दैनिक जीवन दोनों को प्रभावित करता रहा है।