📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pinakpani
विदेश
बिहार ने दावा किया: फरक्का बैराज के पानी के बंटवारे से बाढ़ का असर
✍️ Aaj Tak
🗓 26 अग. 2026, 07:49 AM
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बिहार का कहना है कि 1996 के भारत‑बांग्लादेश पानी‑बंटवारे के कारण फरक्का बैराज से बाढ़ और गाद की समस्या बढ़ रही है।
फरक्का बैराज, कोलकाता बंदरगाह की रक्षा के लिए बनाया गया, 1996 के भारत‑बांग्लादेश पानी‑बंटवारे के तहत संचालित होता है।
बिहार के अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था राज्य को बाढ़ और गाद के रूप में भारी लागत दे रही है, क्योंकि बांग्लादेश को पानी देने से बिहार में जल उपलब्धता कम हो रही है।
बंगाल, जो होघली नदी पर अपने बंदरगाह पर निर्भर है, पानी के प्रवाह को लेकर चिंतित है, जबकि बांग्लादेश सूखे मौसम में अपने हिस्से के पानी की गारंटी चाहता है।
इस विवाद के कारण 1996 के समझौते की समीक्षा की माँग बढ़ी है, और सभी पक्षों से संतुलित तथा पारदर्शी पानी‑वाटप ढाँचे की आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है।
बिहार के अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था राज्य को बाढ़ और गाद के रूप में भारी लागत दे रही है, क्योंकि बांग्लादेश को पानी देने से बिहार में जल उपलब्धता कम हो रही है।
बंगाल, जो होघली नदी पर अपने बंदरगाह पर निर्भर है, पानी के प्रवाह को लेकर चिंतित है, जबकि बांग्लादेश सूखे मौसम में अपने हिस्से के पानी की गारंटी चाहता है।
इस विवाद के कारण 1996 के समझौते की समीक्षा की माँग बढ़ी है, और सभी पक्षों से संतुलित तथा पारदर्शी पानी‑वाटप ढाँचे की आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है।