📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Suyash Dwivedi
स्थानीय
भोपाल में 25 करोड़ के स्थायी विसर्जन कुंड एक साल बाद भी अधूरे
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 17 सित. 2026, 06:45 PM
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भोपाल में 25 करोड़ रुपये के पाँच स्थायी विसर्जन कुंडों की मंजूरी हुई, लेकिन केवल मालीखेड़ी का काम लगभग पूरा, बाकी चार जगहों पर अभी तक कोई कार्य नहीं शुरू।
मध्य प्रदेश सरकार ने भोपाल में पाँच स्थायी विसर्जन कुंडों के निर्माण के लिए 25.08 करोड़ रुपये आवंटित किए। यह योजना गणेश विसर्जन और अन्य धार्मिक जल‑विषाक्तता को नियंत्रित करने के लिये पाँच अलग‑अलग स्थानों पर कुंड बनाने के लिये थी।
मालीखेड़ी में काम लगभग पूरा होने के बावजूद, अन्य चार स्थानों पर अभी तक कोई निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। मंजूरी के 14 महीने बाद भी यह परियोजना अधूरी ही है।
परम्परागत घाटों पर ही अभी भी गणेश विसर्जन की तैयारी चल रही है, जिससे जल स्रोतों और जलीय जीवों को नुकसान पहुँचने की चिंता पर्यावरणविदों ने जताई है। उन्होंने बताया कि नई कुंडों के निर्माण में देरी से शहर की नदियों व झीलों की सुरक्षा पर असर पड़ेगा।
स्थानीय प्राधिकरणों ने कहा कि पुराने घाटों पर ही इस वर्ष का गणेश विसर्जन किया जाएगा, जिससे नई सुविधाओं की त्वरित पूर्णता की आवश्यकता स्पष्ट हुई है।
विलंब को लेकर नागरिक समूहों ने आलोचना की है और आवंटित निधि को शीघ्र लागू करने की मांग की है, ताकि पर्यावरणीय क्षति को रोका जा सके।
मालीखेड़ी में काम लगभग पूरा होने के बावजूद, अन्य चार स्थानों पर अभी तक कोई निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। मंजूरी के 14 महीने बाद भी यह परियोजना अधूरी ही है।
परम्परागत घाटों पर ही अभी भी गणेश विसर्जन की तैयारी चल रही है, जिससे जल स्रोतों और जलीय जीवों को नुकसान पहुँचने की चिंता पर्यावरणविदों ने जताई है। उन्होंने बताया कि नई कुंडों के निर्माण में देरी से शहर की नदियों व झीलों की सुरक्षा पर असर पड़ेगा।
स्थानीय प्राधिकरणों ने कहा कि पुराने घाटों पर ही इस वर्ष का गणेश विसर्जन किया जाएगा, जिससे नई सुविधाओं की त्वरित पूर्णता की आवश्यकता स्पष्ट हुई है।
विलंब को लेकर नागरिक समूहों ने आलोचना की है और आवंटित निधि को शीघ्र लागू करने की मांग की है, ताकि पर्यावरणीय क्षति को रोका जा सके।