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भोपाल का जुमेराती डाकघर आजादी की पहली निशानी
📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
देश

भोपाल का जुमेराती डाकघर आजादी की पहली निशानी

✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh 🗓 14 अग. 2026, 03:33 PM 👁 26
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15 अगस्त 1947 को देश आजाद हुआ, लेकिन भोपाल रियासत भारत में शामिल नहीं हुई थी। जुमेराती के पुराने डाकघर पर तिरंगा फहराया गया, जो नवाब हमीदुल्लाह खान के फैसले के खिलाफ था।

15 अगस्त 1947 को देश आजाद हुआ, लेकिन भोपाल रियासत भारत में शामिल नहीं हुई थी। जुमेराती में आजादी समर्थकों ने नवाब के फैसले के खिलाफ जुमेराती के पुराने डाकघर पर तिरंगा फहराया। यह कदम भोपाल को भारत में शामिल करने की लड़ाई की शुरुआत का प्रतीक बन गया। जुमेराती डाकघर स्वतंत्रता और एकता की लड़ाई का प्रतीक बन गया। नवाब के फैसले के खिलाफ यह एक साहसिक बयान था।
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