📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Suyash Dwivedi
स्थानीय
भोपाल में डंपर चालकों ने 4 लाख जुर्माने के विरोध में सड़कें जाम कीं
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 22 सित. 2026, 05:15 PM
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लगभग 2,000 डंपर और 700 चालक भोपाल में 4 लाख रुपये तक के जुर्माने के विरोध में इकट्ठा होकर सड़क जाम कर रहे हैं।
भोपाल के नगरपालिका अधिकारियों को अचानक बड़ी बाधा का सामना करना पड़ा जब लगभग दो हजार डंपर एक प्रमुख सड़क पर खड़े हो गए, यह कार्रवाई स्थानीय डंपर चालकों के संघ द्वारा आयोजित की गई थी। यह विरोध राज्य द्वारा लागू किए गए नए नियम के खिलाफ है, जिसके तहत कचरा डंपिंग उल्लंघन पर 4 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
संघ के अनुसार, लगभग 700 चालक इस प्रदर्शन में शामिल हैं और वे दंड संरचना को असंगत मानते हुए पुनर्विचार की मांग कर रहे हैं, जिसे वे छोटे व्यवसायों के लिए विनाशकारी बताते हैं। उन्होंने कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे सड़क को जाम करते रहेंगे।
पुलिस ने स्थिति को नज़र में रखते हुए प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि वे यातायात को बाधित न करें, ताकि यात्रियों को असुविधा न हो। अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और अधिकारियों व संघ के बीच बातचीत चल रही है।
इस जाम के कारण मध्य भोपाल में ट्रैफ़िक जाम हो गया है, जिससे निजी और सार्वजनिक दोनों प्रकार के परिवहन पर असर पड़ा है। आसपास के व्यापारियों ने ग्राहक आने में कमी की सूचना दी है, जबकि स्थानीय निवासियों ने इस लंबे समय तक चलने वाले व्यवधान पर निराशा जताई है।
राज्य सरकार ने अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन स्रोतों के अनुसार इस सप्ताह के अंत में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक तय की गई है, जिसमें जुर्माने की नीति में संभावित बदलावों पर चर्चा होगी।
संघ के अनुसार, लगभग 700 चालक इस प्रदर्शन में शामिल हैं और वे दंड संरचना को असंगत मानते हुए पुनर्विचार की मांग कर रहे हैं, जिसे वे छोटे व्यवसायों के लिए विनाशकारी बताते हैं। उन्होंने कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे सड़क को जाम करते रहेंगे।
पुलिस ने स्थिति को नज़र में रखते हुए प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि वे यातायात को बाधित न करें, ताकि यात्रियों को असुविधा न हो। अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और अधिकारियों व संघ के बीच बातचीत चल रही है।
इस जाम के कारण मध्य भोपाल में ट्रैफ़िक जाम हो गया है, जिससे निजी और सार्वजनिक दोनों प्रकार के परिवहन पर असर पड़ा है। आसपास के व्यापारियों ने ग्राहक आने में कमी की सूचना दी है, जबकि स्थानीय निवासियों ने इस लंबे समय तक चलने वाले व्यवधान पर निराशा जताई है।
राज्य सरकार ने अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन स्रोतों के अनुसार इस सप्ताह के अंत में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक तय की गई है, जिसमें जुर्माने की नीति में संभावित बदलावों पर चर्चा होगी।