Agriculture
बहेड़ी में केसर शुगर मिल की नीलामी स्थगित, किसानों में भारी रोष
बरेली जिले के बहेड़ी स्थित केसर शुगर मिल की नीलामी खरीदार के डिमांड ड्राफ्ट न होने के कारण स्थगित कर दी गई है, जिससे गन्ना किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
बरेली जिले के बहेड़ी स्थित केसर शुगर मिल की नीलामी आज सुबह तहसील सभागार में होनी तय थी, लेकिन खरीदार की ओर से आवश्यक डिमांड ड्राफ्ट (DD) उपलब्ध न होने के कारण प्रक्रिया स्थगित कर दी गई है।
इस घटनाक्रम से उन किसानों की चिंता और आक्रोश बढ़ गया, जो लंबे समय से अपने गन्ने के बकाया भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। किसानों में भारी रोष की स्थिति उत्पन्न हो गई और कुछ किसान नेता व किसान तहसील सभागार में ही बैठकर प्रदर्शन करने लगे। उनकी मुख्य मांग थी कि नीलामी की प्रक्रिया आज ही पूरी की जाए ताकि जो भी पैसा मिले उससे भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो सके।
नीलामी प्रक्रिया में केसर मिल प्रबंधन की ओर से सीईओ शरत मिश्रा, जिला व तहसील कार्यालय के अधिकारी, किसान यूनियन (भानु) के अनुज ठाकुर, किसान यूनियन (टिकैत) के कुलवीर सिंह अन्य पदाधिकारी और किसान मौजूद रहे। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि आश्वासन देने के बजाय बकाया भुगतान के स्पष्ट समाधान को प्राथमिकता दी जाए और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
हालांकि, किसानों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर नीलामी बार-बार क्यों टल रही है और खरीदार के पास निर्धारित समय पर डिमांड ड्राफ्ट क्यों नहीं था। उल्लेखनीय है कि नीलामी स्थगित होने और समय बढ़ाए जाने की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं की गई है।
इस घटनाक्रम से उन किसानों की चिंता और आक्रोश बढ़ गया, जो लंबे समय से अपने गन्ने के बकाया भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। किसानों में भारी रोष की स्थिति उत्पन्न हो गई और कुछ किसान नेता व किसान तहसील सभागार में ही बैठकर प्रदर्शन करने लगे। उनकी मुख्य मांग थी कि नीलामी की प्रक्रिया आज ही पूरी की जाए ताकि जो भी पैसा मिले उससे भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो सके।
नीलामी प्रक्रिया में केसर मिल प्रबंधन की ओर से सीईओ शरत मिश्रा, जिला व तहसील कार्यालय के अधिकारी, किसान यूनियन (भानु) के अनुज ठाकुर, किसान यूनियन (टिकैत) के कुलवीर सिंह अन्य पदाधिकारी और किसान मौजूद रहे। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि आश्वासन देने के बजाय बकाया भुगतान के स्पष्ट समाधान को प्राथमिकता दी जाए और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
हालांकि, किसानों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर नीलामी बार-बार क्यों टल रही है और खरीदार के पास निर्धारित समय पर डिमांड ड्राफ्ट क्यों नहीं था। उल्लेखनीय है कि नीलामी स्थगित होने और समय बढ़ाए जाने की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं की गई है।