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बिहटा सरमेरा सर्विस लेन की हालत खराब5
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बिहटा सरमेरा सरमेरा सर्विस लेन कि हालत गंभीर लाकिन कोई स्थानीय प्रतिनिधि इस ओरध्यान नहींदे रहे हैं
बिहटा सरमेरा सर्विस लेन की हालत खराबः गड्डों से फंस रहे वाहन, NHAI ने बताया- जमीन का क्लियरेस नहीं मिलने के कारण परेशानी*
नौबतपुर में NH-131G के रूस्तमगंज गांव के सामने सर्विस लेन की हालत बेहद खराब हो गई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे रोजाना हजारों छोटे-बड़े वाहन नौबतपुर से औरंगाबाद और अन्य जिलों-राज्यों की ओर आवागमन करते समय फंस रहे हैं। इन गड्डों के कारण आए दिन घंटों लंबा जाम लग रहा है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, सड़क की बदहाली से स्कूली बच्चों, मरीजों, एंबुलेंस और आम राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी रंगीला पासवान ने बताया कि गड्डों के कारण कई लोग गिरकर चोटिल हो चुके हैं।
सुधा देवी ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि प्रसव पीड़ा होने पर उनकी बेटी के लिए एंबुलेंस बुलाई गई थी, लेकिन गड्डों और जाम के कारण एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंच सकी। मजबूरन उन्हें बेटी को पैदल नौबतपुर रेफरल अस्पताल ले जाना पड़ा। बाहर से आने वाले वाहन चालकों पर भी इस बदहाली का असर पड़ रहा है। पश्चिम बंगाल के ट्रक चालक मेहताज अली ने बताया कि उनसे करीब एक किलोमीटर पहले टोल टैक्स लिया गया था, लेकिन आगे सड़क की हालत बेहद खराब है। उनकी गाड़ी करीब पांच घंटे तक गड्ढे में फंसी रही, जिसे निकालने के लिए क्रेन बुलानी पड़ी। गाजीपुर निवासी अनिल कुमार ने भी बताया कि वह करीब छह घंटे से जाम में फंसे हुए हैं। इस संबंध में NHAI के NH-131G परियोजना प्रबंधक कृष्ण मुरारी ने बताया कि सर्विस लेन के लिए जमीन का क्लियरेंस नहीं मिल पाया है। संबंधित स्थान पर एक मजार होने के कारण जमीन उपलब्ध नहीं हो सकी है। उन्होंने यह भी बताया कि NHAI ने कई बार अस्थायी तौर पर सड़क की मरम्मत कराई है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए जमीन का उपलब्ध होना अनिवार्य है। मजार से जुड़े लोगों से बातचीत का प्रयास भी किया गया है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल सका है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि स्थायी समाधान होने तक कम से कम गड्ढों को भरकर सर्विस लेन को आवागमन योग्य बनाया जाए। इससे लोगों को जाम और दुर्घटनाओं से राहत मिल सकेगी।
नौबतपुर में NH-131G के रूस्तमगंज गांव के सामने सर्विस लेन की हालत बेहद खराब हो गई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे रोजाना हजारों छोटे-बड़े वाहन नौबतपुर से औरंगाबाद और अन्य जिलों-राज्यों की ओर आवागमन करते समय फंस रहे हैं। इन गड्डों के कारण आए दिन घंटों लंबा जाम लग रहा है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, सड़क की बदहाली से स्कूली बच्चों, मरीजों, एंबुलेंस और आम राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी रंगीला पासवान ने बताया कि गड्डों के कारण कई लोग गिरकर चोटिल हो चुके हैं।
सुधा देवी ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि प्रसव पीड़ा होने पर उनकी बेटी के लिए एंबुलेंस बुलाई गई थी, लेकिन गड्डों और जाम के कारण एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंच सकी। मजबूरन उन्हें बेटी को पैदल नौबतपुर रेफरल अस्पताल ले जाना पड़ा। बाहर से आने वाले वाहन चालकों पर भी इस बदहाली का असर पड़ रहा है। पश्चिम बंगाल के ट्रक चालक मेहताज अली ने बताया कि उनसे करीब एक किलोमीटर पहले टोल टैक्स लिया गया था, लेकिन आगे सड़क की हालत बेहद खराब है। उनकी गाड़ी करीब पांच घंटे तक गड्ढे में फंसी रही, जिसे निकालने के लिए क्रेन बुलानी पड़ी। गाजीपुर निवासी अनिल कुमार ने भी बताया कि वह करीब छह घंटे से जाम में फंसे हुए हैं। इस संबंध में NHAI के NH-131G परियोजना प्रबंधक कृष्ण मुरारी ने बताया कि सर्विस लेन के लिए जमीन का क्लियरेंस नहीं मिल पाया है। संबंधित स्थान पर एक मजार होने के कारण जमीन उपलब्ध नहीं हो सकी है। उन्होंने यह भी बताया कि NHAI ने कई बार अस्थायी तौर पर सड़क की मरम्मत कराई है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए जमीन का उपलब्ध होना अनिवार्य है। मजार से जुड़े लोगों से बातचीत का प्रयास भी किया गया है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल सका है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि स्थायी समाधान होने तक कम से कम गड्ढों को भरकर सर्विस लेन को आवागमन योग्य बनाया जाए। इससे लोगों को जाम और दुर्घटनाओं से राहत मिल सकेगी।