Local
भारतीय किसान मजदूर यूनियन ने पत्रकारों के सम्मान और किसानों के अधिकारों के लिए 10 अक्टूबर को निघासन में धरने का किया ऐलान
भारतीय किसान मजदूर यूनियन (सिंघानिया) ने पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा और किसानों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया है। संगठन 10 अक्टूबर को निघासन में एक शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित करेगा, जिसमें कई महत्वपूर्ण मांगों को उठाया जाएगा।
निघासन, लखीमपुर खीरी: भारतीय किसान मजदूर यूनियन (सिंघानिया) ने पत्रकारों के सम्मान, अधिकारों और सुरक्षा के साथ-साथ किसानों एवं मजदूरों की समस्याओं को लेकर अपनी आवाज बुलंद की है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि पत्रकारों के साथ अन्याय, किसानों के अधिकारों का हनन और मजदूरों की समस्याओं की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इन मुद्दों को लेकर संगठन शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगा। संगठन के बैनर तले निघासन स्थित क्षेत्राधिकारी (सीओ) कार्यालय पर आयोजित एक कार्यक्रम में पत्रकारों के सम्मान, अधिकारों और सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला मीडिया प्रभारी एमडी शाहिद मंसूरी ने की। उन्होंने कहा कि किसी भी पत्रकार साथी के साथ अन्याय या उसके अधिकारों के हनन का मामला सामने आने पर संगठन कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाएगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट एस.के. सिंघानिया के निर्देशानुसार, शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को सुबह 11 बजे निघासन स्थित सीओ कार्यालय पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन का आह्वान किया गया है। संगठन की प्रमुख मांगों में शारदा नदी की बाढ़ से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाना, गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करना, किसानों के बकाया गन्ना भुगतान की समस्या का समाधान, पचपेड़ी घाट पर पुल निर्माण, निघासन में पोस्टमार्टम हाउस चालू कराना, पात्र लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाना तथा जर्जर सड़कों की मरम्मत कराना शामिल है। संगठन का कहना है कि इन समस्याओं का समाधान क्षेत्र के किसानों, मजदूरों और आम नागरिकों के हित में आवश्यक है।
इसके अतिरिक्त, संगठन ने थाना पढ़ुआ में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 0502/2026 से संबंधित सियाराम हीरो एजेंसी, ढखेरवा प्रकरण में भी निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। संगठन ने सीसीटीवी के डीवीआर को सुरक्षित रखकर सील करने तथा फुटेज की फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) से जांच कराने की मांग की है। साथ ही, संगठन ने कहा है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच करते हुए नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
भारतीय किसान मजदूर यूनियन (सिंघानिया) ने दोहराया कि पत्रकारों के सम्मान की रक्षा, किसानों को उनका अधिकार दिलाना और मजदूरों के स्वाभिमान के लिए आवाज उठाना संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल है। संगठन ने आमजन से भी अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और लोकतांत्रिक तरीके से समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट होने का आह्वान किया है। संगठन का संदेश है कि कलम की आवाज बुलंद रहे, किसान को उसका हक मिले और मजदूर के सम्मान की रक्षा हो।
राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट एस.के. सिंघानिया के निर्देशानुसार, शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को सुबह 11 बजे निघासन स्थित सीओ कार्यालय पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन का आह्वान किया गया है। संगठन की प्रमुख मांगों में शारदा नदी की बाढ़ से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाना, गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करना, किसानों के बकाया गन्ना भुगतान की समस्या का समाधान, पचपेड़ी घाट पर पुल निर्माण, निघासन में पोस्टमार्टम हाउस चालू कराना, पात्र लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाना तथा जर्जर सड़कों की मरम्मत कराना शामिल है। संगठन का कहना है कि इन समस्याओं का समाधान क्षेत्र के किसानों, मजदूरों और आम नागरिकों के हित में आवश्यक है।
इसके अतिरिक्त, संगठन ने थाना पढ़ुआ में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 0502/2026 से संबंधित सियाराम हीरो एजेंसी, ढखेरवा प्रकरण में भी निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। संगठन ने सीसीटीवी के डीवीआर को सुरक्षित रखकर सील करने तथा फुटेज की फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) से जांच कराने की मांग की है। साथ ही, संगठन ने कहा है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच करते हुए नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
भारतीय किसान मजदूर यूनियन (सिंघानिया) ने दोहराया कि पत्रकारों के सम्मान की रक्षा, किसानों को उनका अधिकार दिलाना और मजदूरों के स्वाभिमान के लिए आवाज उठाना संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल है। संगठन ने आमजन से भी अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और लोकतांत्रिक तरीके से समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट होने का आह्वान किया है। संगठन का संदेश है कि कलम की आवाज बुलंद रहे, किसान को उसका हक मिले और मजदूर के सम्मान की रक्षा हो।