📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bharat Adivasi Party
राजनीति
बीएपी ने एमपी-राजस्थान के बाद 9 राज्यों में विस्तार की योजना बनाई
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 10 सित. 2026, 10:32 PM
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भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) ने रतलाम अधिवेशन में मध्यप्रदेश और राजस्थान के बाद नौ और राज्यों में संगठन विस्तार की योजना बताई।
नई दिल्ली, 10 सितंबर (एएनआई) – भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी), जो मध्यप्रदेश और राजस्थान में अपनी जड़ें रखती है, ने देश के अन्य क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति बढ़ाने का इरादा जताया है। रतलाम अधिवेशन में पार्टी ने नौ अतिरिक्त राज्यों में इकाइयाँ स्थापित करने की विस्तृत योजना पेश की, जिससे एक क्षेत्रीय दल से राष्ट्रीय स्तर की आकांक्षा स्पष्ट हुई।
प्रस्तुत रणनीति में लक्षित राज्यों की पहचान, भर्ती अभियान और राज्य‑स्तरीय समितियों की स्थापना शामिल है। जबकि विशिष्ट राज्यों का उल्लेख नहीं किया गया, यह योजना पार्टी के पारम्परिक आधारभूत क्षेत्रों से परे जनजातीय और हाशिए के मतदाताओं को जोड़ने पर केंद्रित है।
उसी अधिवेशन में बीएपी ने संगठनात्मक पदों का विस्तार किया, नई नियुक्तियों को आगामी विस्तार के प्रबंधन का काम सौंपा गया। इन अधिकारियों को जमीनी स्तर पर सक्रियता, उम्मीदवार चयन और स्थानीय सहयोगियों के समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि आगामी चुनावों में प्रभावी रूप से भाग लिया जा सके।
विश्लेषकों का मानना है कि 2029 के आम चुनावों से पहले क्षेत्रीय पार्टियों का राष्ट्रीय स्तर पर कदम बढ़ाना सामान्य प्रवृत्ति है। पार्टी ने कहा कि विस्तार क्रमिक रहेगा और समुदायिक जुड़ाव पर आधारित होगा, न कि केवल चुनावी लक्ष्य पर।
आगे की योजना में राज्य‑स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम शुरू करना और पहचाने गए क्षेत्रों में समान विचारधारा वाले समूहों के साथ गठबंधन करना शामिल है, जिससे आगामी राज्य विधानसभा चुनावों में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिले।
प्रस्तुत रणनीति में लक्षित राज्यों की पहचान, भर्ती अभियान और राज्य‑स्तरीय समितियों की स्थापना शामिल है। जबकि विशिष्ट राज्यों का उल्लेख नहीं किया गया, यह योजना पार्टी के पारम्परिक आधारभूत क्षेत्रों से परे जनजातीय और हाशिए के मतदाताओं को जोड़ने पर केंद्रित है।
उसी अधिवेशन में बीएपी ने संगठनात्मक पदों का विस्तार किया, नई नियुक्तियों को आगामी विस्तार के प्रबंधन का काम सौंपा गया। इन अधिकारियों को जमीनी स्तर पर सक्रियता, उम्मीदवार चयन और स्थानीय सहयोगियों के समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि आगामी चुनावों में प्रभावी रूप से भाग लिया जा सके।
विश्लेषकों का मानना है कि 2029 के आम चुनावों से पहले क्षेत्रीय पार्टियों का राष्ट्रीय स्तर पर कदम बढ़ाना सामान्य प्रवृत्ति है। पार्टी ने कहा कि विस्तार क्रमिक रहेगा और समुदायिक जुड़ाव पर आधारित होगा, न कि केवल चुनावी लक्ष्य पर।
आगे की योजना में राज्य‑स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम शुरू करना और पहचाने गए क्षेत्रों में समान विचारधारा वाले समूहों के साथ गठबंधन करना शामिल है, जिससे आगामी राज्य विधानसभा चुनावों में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिले।