अपराध
बहराइच में अपहरण के मुकदमे में वांछित अभियुक्त सतार पुत्र अब्दुल मजीद को गिरफ्तार
बहराइच के विशेश्वरगंज थाने ने 25 अक्टूबर को धारा 137(2) के तहत सतार पुत्र अब्दुल मजीद को गिरफ्तार कर न्यायालय भेजा।
थाने विशेश्वरगंज, बहराइच ने अपहरण के मुकदमे में वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया। पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव के निर्देशन में अभियुक्त सतार पुत्र अब्दुल मजीद को 25 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार कर आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय भेजा गया।
मामला 1 सितंबर 2026 को जिबराइल पुत्र ननकू द्वारा दर्ज शिकायत से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने बताया कि सतार पुत्र मजीद ने उनकी 16 वर्षीया बेटी अफसरा को बहला‑फुसलाकर अपने साथ ले लिया। इस आधार पर धारा 137(2) बीएनएस के तहत मुकदमा संख्या 276/26 दर्ज किया गया।
जांच के दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने अभियुक्त को उधरना सरहदी बरम बाबा के पास से हिरासत में लिया। अपहृता अफसरा को महिला कांस्टेबल करिश्मा ने सौंपकर वन स्टॉप सेंटर, बहराइच भेजा गया।
गिरफ्तारी में उपनिरीक्षक धीरेन्द्र प्रताप सिंह, हेड कांस्टेबल गणेश चन्द्र यादव और महिला कांस्टेबल करिश्मा शामिल थे। पुलिस ने बताया कि कार्रवाई में सर्वोच्च न्यायालय एवं मानवाधिकार आयोग के आदेशों का पालन किया गया।
अभियुक्त को विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायालय रवाना किया गया, जिससे अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिये चल रहे अभियान को सुदृढ़ किया गया।
मामला 1 सितंबर 2026 को जिबराइल पुत्र ननकू द्वारा दर्ज शिकायत से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने बताया कि सतार पुत्र मजीद ने उनकी 16 वर्षीया बेटी अफसरा को बहला‑फुसलाकर अपने साथ ले लिया। इस आधार पर धारा 137(2) बीएनएस के तहत मुकदमा संख्या 276/26 दर्ज किया गया।
जांच के दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने अभियुक्त को उधरना सरहदी बरम बाबा के पास से हिरासत में लिया। अपहृता अफसरा को महिला कांस्टेबल करिश्मा ने सौंपकर वन स्टॉप सेंटर, बहराइच भेजा गया।
गिरफ्तारी में उपनिरीक्षक धीरेन्द्र प्रताप सिंह, हेड कांस्टेबल गणेश चन्द्र यादव और महिला कांस्टेबल करिश्मा शामिल थे। पुलिस ने बताया कि कार्रवाई में सर्वोच्च न्यायालय एवं मानवाधिकार आयोग के आदेशों का पालन किया गया।
अभियुक्त को विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायालय रवाना किया गया, जिससे अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिये चल रहे अभियान को सुदृढ़ किया गया।