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बिहार में बालू की उपलब्धता बढ़ाने की तैयारी, सरकार नए घाटों की करेगी पहचान
बिहार सरकार राज्य में निर्माण कार्यों को गति देने के लिए 8 से 10 प्रतिशत नए बालू घाटों को चिन्हित करने की योजना बना रही है।
बिहार में निर्माण कार्यों को सुचारू रूप से चलाने और बालू की सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने नए बालू घाटों की तलाश शुरू कर दी है। खान एवं भूतत्व विभाग ने इस संबंध में सभी जिलों के अधिकारियों को संभावित स्थानों की पहचान करने के लिए निर्देशित किया है। इस कवायद का मुख्य उद्देश्य राज्य में बालू की आपूर्ति को बढ़ाना है।
सरकार का यह कदम केवल निर्माण कार्यों को गति देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के साथ-साथ राजस्व में भी वृद्धि की जाएगी। चिन्हित किए गए संभावित स्थलों का विभागीय टीम द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद वैज्ञानिक तरीके से बालू की मात्रा का आकलन करने के लिए जियो सर्वे कराया जाएगा।
जियो सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट (डीएसआर) में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। विभाग ने राज्य भर में लगभग 8 से 10 प्रतिशत नए बालू घाटों को चिन्हित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इन घाटों के संचालन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य में बालू की उपलब्धता में सुधार होने की प्रबल संभावना है, जिसका सीधा लाभ निर्माण क्षेत्र को मिलेगा।
सरकार का यह कदम केवल निर्माण कार्यों को गति देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के साथ-साथ राजस्व में भी वृद्धि की जाएगी। चिन्हित किए गए संभावित स्थलों का विभागीय टीम द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद वैज्ञानिक तरीके से बालू की मात्रा का आकलन करने के लिए जियो सर्वे कराया जाएगा।
जियो सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट (डीएसआर) में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। विभाग ने राज्य भर में लगभग 8 से 10 प्रतिशत नए बालू घाटों को चिन्हित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इन घाटों के संचालन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य में बालू की उपलब्धता में सुधार होने की प्रबल संभावना है, जिसका सीधा लाभ निर्माण क्षेत्र को मिलेगा।