अपराध
बिहार में अपराध नियंत्रण को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सख्त, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें उन्होंने कानून-व्यवस्था सुदृढ़ बनाने और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून का राज स्थापित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और अपराध नियंत्रण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पटना: बिहार में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को लोकसेवक आवास में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि राज्य में कानून का राज स्थापित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अपराध नियंत्रण में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, बिहार की पुलिस महानिदेशक प्रीति वर्मा सहित पुलिस एवं प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अपराध के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाने और अपराधियों के खिलाफ सख्त एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना और लोगों के मन में कानून-व्यवस्था के प्रति विश्वास कायम रखना पुलिस एवं प्रशासन की प्रमुख जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन को आपराधिक घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई करने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा संवेदनशील मामलों में विशेष सतर्कता बरतने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और किसी भी आपराधिक घटना की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में अपराध की रोकथाम, पुलिस की जवाबदेही, कानून-व्यवस्था की नियमित निगरानी और संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सुशासन, सुरक्षा और न्याय सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं और इन मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। यह बैठक राज्य में अपराध पर अंकुश लगाने और नागरिकों को सुरक्षित महसूस कराने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, बिहार की पुलिस महानिदेशक प्रीति वर्मा सहित पुलिस एवं प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अपराध के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाने और अपराधियों के खिलाफ सख्त एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना और लोगों के मन में कानून-व्यवस्था के प्रति विश्वास कायम रखना पुलिस एवं प्रशासन की प्रमुख जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन को आपराधिक घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई करने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा संवेदनशील मामलों में विशेष सतर्कता बरतने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और किसी भी आपराधिक घटना की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में अपराध की रोकथाम, पुलिस की जवाबदेही, कानून-व्यवस्था की नियमित निगरानी और संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सुशासन, सुरक्षा और न्याय सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं और इन मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। यह बैठक राज्य में अपराध पर अंकुश लगाने और नागरिकों को सुरक्षित महसूस कराने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।