शिक्षा
बिहार के लोहगरवा में महिला एवं बाल अधिकारों पर सखी वार्ता आयोजित
बिहार सरकार की मिशन शक्ति योजना के तहत लोहगरवा के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय में बाल विवाह, बाल श्रम, लैंगिक हिंसा आदि पर जागरूकता सत्र आयोजित किया गया।
बिहार सरकार के महिला एवं बाल विकास निगम, समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मिशन शक्ति योजना के अंतर्गत जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन ने शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय लोहगरवा, प्रखंड सिरदला में सखी वार्ता का आयोजन किया।
कार्यक्रम में छात्राओं और उपस्थित जनप्रतिनिधियों को बाल विवाह, बाल श्रम, बाल यौन शोषण, पोक्सो अधिनियम‑2012, दहेज प्रथा, लैंगिक हिंसा, साइबर अपराध एवं साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।
साथ ही साइबर अपराध की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930, महिला हेल्पलाइन 181 तथा बाल हेल्पलाइन 1098 के उपयोग के बारे में भी बताया गया। उपस्थित महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा और सशक्तिकरण के विभिन्न पहलुओं के प्रति जागरूक किया गया तथा जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन और संबंधित कार्यालयों द्वारा उपलब्ध सुविधाओं एवं सेवाओं की जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा, शोषण या उत्पीड़न की स्थिति में तुरंत संबंधित हेल्पलाइन सेवाओं का उपयोग करना चाहिए और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए, क्योंकि समय पर शिकायत दर्ज कराना महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों को रोकने में प्रभावी सिद्ध हो सकता है।
कार्यक्रम में छात्राओं और उपस्थित जनप्रतिनिधियों को बाल विवाह, बाल श्रम, बाल यौन शोषण, पोक्सो अधिनियम‑2012, दहेज प्रथा, लैंगिक हिंसा, साइबर अपराध एवं साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।
साथ ही साइबर अपराध की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930, महिला हेल्पलाइन 181 तथा बाल हेल्पलाइन 1098 के उपयोग के बारे में भी बताया गया। उपस्थित महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा और सशक्तिकरण के विभिन्न पहलुओं के प्रति जागरूक किया गया तथा जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन और संबंधित कार्यालयों द्वारा उपलब्ध सुविधाओं एवं सेवाओं की जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा, शोषण या उत्पीड़न की स्थिति में तुरंत संबंधित हेल्पलाइन सेवाओं का उपयोग करना चाहिए और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए, क्योंकि समय पर शिकायत दर्ज कराना महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों को रोकने में प्रभावी सिद्ध हो सकता है।