अपराध
भाजपा ने परविंदर सिंह झोटे हत्याकांड के विरोध में रोपड़ में डीसी कार्यालय के बाहर दिया धरना
मानसा के परविंदर सिंह झोटे की हत्या के मामले में इंसाफ की मांग को लेकर भाजपा जिला रोपड़ ने डीसी कार्यालय के बाहर धरना दिया। पार्टी ने सीबीआई जांच, पीड़ित परिवार की सुरक्षा और नशा तस्करी के नेटवर्क की जांच की मांग की है।
रोपड़, 15 अक्टूबर: मानसा के परविंदर सिंह झोटे की हत्या के मामले में इंसाफ की मांग को लेकर आज भारतीय जनता पार्टी जिला रोपड़ की ओर से जिला अध्यक्ष अजयवीर सिंह ललपुरा के नेतृत्व में डिप्टी कमिश्नर कार्यालय रोपड़ के सामने धरना देकर रोष व्यक्त किया गया। इस अवसर पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताते हुए पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने की मांग की। धरने के बाद प्रशासन को मांग पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।
इस अवसर पर अजयवीर सिंह ललपुरा ने कहा कि परविंदर सिंह झोटे नशा तस्करी और नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे थे। 13 अक्टूबर 2026 को मानसा में उन्हें गोली मारकर मौत के घाट उतार दिए जाने की घटना ने नशे के खिलाफ संघर्ष करने वाले लोगों की सुरक्षा और पंजाब की कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और ऐसे अपराधों की तह तक पहुंचना सरकार तथा प्रशासन की जिम्मेदारी है।
ललपुरा ने कहा कि इस मामले से जुड़े सामने आए तथ्यों की निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए। मृतक के पिता द्वारा स्थानीय विधायक का नाम लिए जाने और गवाहों के हवाले से हमलावर द्वारा गोली चलाने से कुछ समय पहले फोन पर बात करने संबंधी सामने आई जानकारी की भी जांच की जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति की भूमिका का फैसला सबूतों और कानूनी जांच के आधार पर होना चाहिए।
भाजपा की ओर से सौंपे गए मांग पत्र में मांग की गई कि परविंदर सिंह की हत्या की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी जाए, ताकि जांच की निष्पक्षता को लेकर लोगों का विश्वास कायम रहे। इसके साथ ही हमलावर के फोन कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सऐप संचार, सीसीटीवी फुटेज, फेसबुक लाइवस्ट्रीम और अन्य संबंधित डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को तत्काल सुरक्षित रखने की मांग भी की गई। मांग पत्र में पीड़ित परिवार, विशेषकर नाबालिग बच्चों की सुरक्षा के लिए उचित पुलिस प्रबंध करने तथा पंजाब में नशा तस्करी से जुड़े कथित नेटवर्क, उसके संभावित संबंधों और उसे मिल रहे किसी भी प्रकार के संरक्षण की व्यापक जांच करवाने की मांग की गई। भाजपा ने यह भी मांग की कि अपराध अथवा उससे जुड़ी किसी बड़ी साजिश में शामिल पाए जाने वाले सभी व्यक्तियों के खिलाफ बिना किसी राजनीतिक दबाव या पक्षपात के कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
अजयवीर सिंह ललपुरा ने कहा कि यह मामला केवल एक परिवार को इंसाफ दिलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे के खिलाफ संघर्ष करने वाले प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा और कानून के शासन से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि भाजपा पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने, सबूतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों की कानूनी जवाबदेही तय करवाने के लिए अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी। इस अवसर पर रूपनगर सर्कल अध्यक्ष जगदीश चंद्र काजला, किरण गुप्ता, करमजीत कौर, जसबीर कौर, हरमिंदरपाल सिंह आहलूवालिया सहित भाजपा के चारों पार्षद, जनरल सचिव रमन जिंदल, विरेंद्र राणा, बालकृष्ण कुक्कू, कार अबियाणा, प्रिंस कौशिक, इंद्रपाल सिंह, मोनिका शर्मा, राज कुमार, धर्मेंद्र कुमार, एडवोकेट अमनप्रीत सिंह काबड़वाल, हिम्मत सिंह गिरन, राजीव कृपलानी, गगन गुप्ता, राकेश चोपड़ा, पंकज शर्मा, मंजू ग्रोवर, चेतना वर्मा, जगदीश कटली, नवीन कुमार वशिष्ठ, अमनिंदर सिंह, राज कुमार भल्ला, इंद्रपाल सिंह सहित अन्य भाजपा नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इस अवसर पर अजयवीर सिंह ललपुरा ने कहा कि परविंदर सिंह झोटे नशा तस्करी और नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे थे। 13 अक्टूबर 2026 को मानसा में उन्हें गोली मारकर मौत के घाट उतार दिए जाने की घटना ने नशे के खिलाफ संघर्ष करने वाले लोगों की सुरक्षा और पंजाब की कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और ऐसे अपराधों की तह तक पहुंचना सरकार तथा प्रशासन की जिम्मेदारी है।
ललपुरा ने कहा कि इस मामले से जुड़े सामने आए तथ्यों की निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए। मृतक के पिता द्वारा स्थानीय विधायक का नाम लिए जाने और गवाहों के हवाले से हमलावर द्वारा गोली चलाने से कुछ समय पहले फोन पर बात करने संबंधी सामने आई जानकारी की भी जांच की जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति की भूमिका का फैसला सबूतों और कानूनी जांच के आधार पर होना चाहिए।
भाजपा की ओर से सौंपे गए मांग पत्र में मांग की गई कि परविंदर सिंह की हत्या की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी जाए, ताकि जांच की निष्पक्षता को लेकर लोगों का विश्वास कायम रहे। इसके साथ ही हमलावर के फोन कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सऐप संचार, सीसीटीवी फुटेज, फेसबुक लाइवस्ट्रीम और अन्य संबंधित डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को तत्काल सुरक्षित रखने की मांग भी की गई। मांग पत्र में पीड़ित परिवार, विशेषकर नाबालिग बच्चों की सुरक्षा के लिए उचित पुलिस प्रबंध करने तथा पंजाब में नशा तस्करी से जुड़े कथित नेटवर्क, उसके संभावित संबंधों और उसे मिल रहे किसी भी प्रकार के संरक्षण की व्यापक जांच करवाने की मांग की गई। भाजपा ने यह भी मांग की कि अपराध अथवा उससे जुड़ी किसी बड़ी साजिश में शामिल पाए जाने वाले सभी व्यक्तियों के खिलाफ बिना किसी राजनीतिक दबाव या पक्षपात के कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
अजयवीर सिंह ललपुरा ने कहा कि यह मामला केवल एक परिवार को इंसाफ दिलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे के खिलाफ संघर्ष करने वाले प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा और कानून के शासन से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि भाजपा पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने, सबूतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों की कानूनी जवाबदेही तय करवाने के लिए अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी। इस अवसर पर रूपनगर सर्कल अध्यक्ष जगदीश चंद्र काजला, किरण गुप्ता, करमजीत कौर, जसबीर कौर, हरमिंदरपाल सिंह आहलूवालिया सहित भाजपा के चारों पार्षद, जनरल सचिव रमन जिंदल, विरेंद्र राणा, बालकृष्ण कुक्कू, कार अबियाणा, प्रिंस कौशिक, इंद्रपाल सिंह, मोनिका शर्मा, राज कुमार, धर्मेंद्र कुमार, एडवोकेट अमनप्रीत सिंह काबड़वाल, हिम्मत सिंह गिरन, राजीव कृपलानी, गगन गुप्ता, राकेश चोपड़ा, पंकज शर्मा, मंजू ग्रोवर, चेतना वर्मा, जगदीश कटली, नवीन कुमार वशिष्ठ, अमनिंदर सिंह, राज कुमार भल्ला, इंद्रपाल सिंह सहित अन्य भाजपा नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।