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13 अक्टू. 2026•
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भैरवगढ़ जेल में पुरुष कैदी साड़ियों में, गरबा के लिए अधीक्षक का कोरम तर्क
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sunil Ujjain
अपराध

भैरवगढ़ जेल में पुरुष कैदी साड़ियों में, गरबा के लिए अधीक्षक का कोरम तर्क

✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh 🗓 13 अक्टू. 2026, 05:35 PM 👁 17
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भैरवगढ़ जेल में पुरुष कैदियों को साड़ियों में गरबा करने के लिए मजबूर किया गया, जिससे विवाद हुआ। अधीक्षक मनोज साहू ने बताया कि यह केवल कोरम पूरा करने के लिए था।

भैरवगढ़ जेल में पुरुष कैदियों को साड़ियों में गरबा करने के लिए मजबूर करने की घटना ने सार्वजनिक ध्यान आकर्षित किया है। यह असामान्य प्रथा एक नियमित निरीक्षण के दौरान सामने आई और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई।

जेल अधीक्षक मनोज साहू ने इस निर्णय का बचाव किया, कहते हुए कि यह केवल कोरम पूरा करने के लिए था। साहू के अनुसार, जेल की नीति के तहत सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए निश्चित संख्या में कैदियों की आवश्यकता होती है, और साड़ियाँ पहनाना उस गिनती को पूरा करने के लिए एक अस्थायी उपाय था।

आलोचकों का तर्क है कि यह प्रथा कैदियों की गरिमा को ठेस पहुँचाती है, जबकि कुछ अधिकारियों का मानना है कि अधीक्षक का स्पष्टीकरण पर्याप्त है। इस घटना के कारण जेल की सांस्कृतिक कार्यक्रम नीतियों की समीक्षा के लिए आह्वान किया गया है।

वर्तमान में, जेल अधिकारियों ने अपनी प्रक्रियाओं में कोई बदलाव नहीं किया है, और यह मामला स्थानीय मीडिया व मानवाधिकार निरीक्षकों द्वारा निगरानी के अंतर्गत है।
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