Religion
भागवत कथा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, गोवर्धन महाराज की झांकी ने मोहा मन
स्थानीय कथावाचक द्वारा सुनाई जा रही श्रीमद् भागवत कथा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कथा के दौरान सजाई गई गोवर्धन महाराज की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
दौसा के सिकराय उपखंड क्षेत्र के गीजगढ़ बांकली धाम में कृष्ण बाल लीलाओं का वर्णन, अन्नकूट महोत्सव में उमड़े हजारों श्रद्धालु
गीजगढ़। कस्बे के बांकली धाम बालाजी महाराज मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा एवं मेले में शुक्रवार को हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।कथा व्यास आचार्य नरेंद्राचार्य ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और गोवर्धन पूजा का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति और सदाचार का संदेश दिया।आचार्य नरेंद्राचार्य ने प्रवचन में कहा कि कलियुग में तृष्णा मनुष्य के दुखों का प्रमुख कारण है। मनुष्य सांसारिक मोह-माया और स्वार्थ में इतना उलझ गया है कि ईश्वर का स्मरण करना भी भूलता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जीवन में सुख-शांति और संतोष प्राप्त करने के लिए सांसारिक मोह-माया का त्याग कर प्रभु भक्ति को अपनाना चाहिए। ईश्वर का स्मरण और सद्कर्म ही मानव जीवन को सार्थक बनाते हैं।कथा के दौरान गोवर्धन पर्वत एवं गोवर्धन महाराज की आकर्षक झांकी सजाई गई, जिसके दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। इसके बाद अन्नकूट महोत्सव के तहत प्रसादी का वितरण किया गया। महोत्सव में हजारों श्रद्धालुओं ने पंगत में बैठकर प्रसादी ग्रहण की। मंदिर परिसर में दिनभर भक्तिमय माहौल बना रहा।ब कथा के विभिन्न प्रसंगों के अनुसार प्रतिदिन आकर्षक झांकियां सजाई जा रही हैं, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
गीजगढ़। कस्बे के बांकली धाम बालाजी महाराज मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा एवं मेले में शुक्रवार को हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।कथा व्यास आचार्य नरेंद्राचार्य ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और गोवर्धन पूजा का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति और सदाचार का संदेश दिया।आचार्य नरेंद्राचार्य ने प्रवचन में कहा कि कलियुग में तृष्णा मनुष्य के दुखों का प्रमुख कारण है। मनुष्य सांसारिक मोह-माया और स्वार्थ में इतना उलझ गया है कि ईश्वर का स्मरण करना भी भूलता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जीवन में सुख-शांति और संतोष प्राप्त करने के लिए सांसारिक मोह-माया का त्याग कर प्रभु भक्ति को अपनाना चाहिए। ईश्वर का स्मरण और सद्कर्म ही मानव जीवन को सार्थक बनाते हैं।कथा के दौरान गोवर्धन पर्वत एवं गोवर्धन महाराज की आकर्षक झांकी सजाई गई, जिसके दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। इसके बाद अन्नकूट महोत्सव के तहत प्रसादी का वितरण किया गया। महोत्सव में हजारों श्रद्धालुओं ने पंगत में बैठकर प्रसादी ग्रहण की। मंदिर परिसर में दिनभर भक्तिमय माहौल बना रहा।ब कथा के विभिन्न प्रसंगों के अनुसार प्रतिदिन आकर्षक झांकियां सजाई जा रही हैं, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।