🔥 ट्रेंडिंग એ.આર.ટી.ઓ કચેરી ખાતે અનઅધિકૃત્ત વ્યક્ત... હિંમતનગરના ધારાસભ્ય અને સાંસદે આગિયોલ... ಆಯುರ್ವೇದವು ಸಮಗ್ರ ಆರೋಗ್ಯಕ್ಕೆ ಭದ್ರ ಬುನಾದ... પ્રધાનમંત્રીશ્રી નરેન્દ્ર મોદીના ૭૬માં... यूएई से निर्वासन के बाद सीबीआई ने महाद... 22‑साल के मोहम्मद शहजाद ने मिस्बाह का...
25 सित. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
धर्म

भागवत कथा में धर्म के चार स्तंभों पर प्रवचन

✍️ रिपोर्टर: Pranav gaur 🗓 25 सित. 2026, 07:42 AM 👁 17
यहाँ देखें: 📘 Facebook 📷 Instagram
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

एक स्थानीय कार्यक्रम में, कथावाचक ने भगवद गीता के अनुसार धर्म के चार प्रमुख स्तंभों - सत्य, करुणा, शुचिता और तपस - पर प्रकाश डाला।

एक हालिया स्थानीय धार्मिक सभा में, कथावाचक ने भगवद गीता में वर्णित धर्म के चार मूलभूत स्तंभों पर विस्तृत प्रवचन दिया। उन्होंने बताया कि सत्य, करुणा, शुचिता (पवित्रता) और तपस (आत्म-नियंत्रण या तपस्या) धर्म के आधार हैं, जिनके बिना मानव जीवन अधूरा है।

कथावाचक ने श्रोताओं को इन सिद्धांतों के महत्व को समझाया और बताया कि कैसे इन्हें अपने दैनिक जीवन में उतारकर एक बेहतर और अधिक सार्थक जीवन जिया जा सकता है। उन्होंने सत्य के मार्ग पर चलने, दूसरों के प्रति करुणा का भाव रखने, अपने विचारों और कर्मों में पवित्रता बनाए रखने तथा आत्म-अनुशासन और तपस्या के माध्यम से स्वयं को बेहतर बनाने पर जोर दिया।

इस प्रवचन का उद्देश्य लोगों को धर्म के वास्तविक अर्थ से परिचित कराना और उन्हें नैतिक मूल्यों के प्रति प्रेरित करना था। उपस्थित श्रद्धालुओं ने कथावाचक के विचारों को ध्यानपूर्वक सुना और जीवन में इन सिद्धांतों को अपनाने का संकल्प लिया।
📲Get App