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भिंड में मेडिकल स्टोरों पर औचक कार्रवाई: चार फर्मों को नोटिस, एक का लाइसेंस निरस्त
औषधि निरीक्षक डॉ आकांक्षा गरुड़ ने भिंड और गोहद क्षेत्र के दर्जन भर मेडिकल स्टोरों का सघन निरीक्षण किया। जांच में कमीयों के चलते चार फर्मों को नोटिस जारी किया गया और एक एजेंसी का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया।
नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन भोपाल (म.प्र.), कलेक्टर भिंड एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भिंड के निर्देशानुसार, औषधि निरीक्षक डॉ आकांक्षा गरुड़ ने भिंड शहर और गोहद तहसील क्षेत्र में स्थित मेडिकल स्टोरों का सघन निरीक्षण किया गया। इस अभियान के तहत देव मेडिकल स्टोर, बी.एम.एच फार्मेसी, ओझा मेडिकल स्टोर, सिंघई मेडिकल स्टोर, देव मेडिकल एजेंसी, साक्षी मेडिकल स्टोर, राठौर मेडिकल स्टोर, राज मेडिकल स्टोर, नारायण मेडिकल स्टोर और गुरु कृपा मेडिकल स्टोर समेत दर्जन भर दुकानों की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान इन सभी स्टोरों के लाइसेंस की सत्यापन प्रक्रिया की गई और फार्मसिस्ट की उपस्थिति एवं जानकारी प्राप्त की गई।
निरीक्षण के दौरान बी.एम.एच फार्मेसी पर रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट की उपस्थिति नहीं पाई गई, जिसके संबंध में प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा, देव मेडिकल एजेंसी, सौरभ ट्रेडर्स एवं स्वागत ट्रेडर्स को दवाओं की खरीदी-बिक्री की जानकारी तीन दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर जानकारी प्रस्तुत न करने पर नियमानुसार आगामी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
जांच के दौरान औषधियों की गुणवत्ता की पुष्टि के लिए पांच सैंपल एकत्र किए गए, जिन्हें भोपाल स्थित औषधि प्रयोगशाला में भेजा गया है। साथ ही, अनमोल मेडिकल एजेंसी के लाइसेंस को निरस्त कर दिया गया है।
निरीक्षण के दौरान दुकानदारों को उचित स्थान पर लाइसेंस प्रदर्शन, फार्मसिस्ट की उपलब्धता, दुकान की साफ-सफाई, एक्सपाइरी दवाओं की व्यवस्था, स्टॉक रजिस्टर की रखरखाव और फ्रिज में संचित दवाओं के भंडारण संबंधी दिशा-निर्देश दिए गए। इसके अलावा, बिना पंजीकृत चिकित्सक के पर्चे के शेड्यूल औषधियों का विक्रय न करने और क्रय-विक्रय अभिलेखों को नियमानुसार संचित रखने का निर्देश दिया गया है। इन निर्देशों का पालन न करने की स्थिति में नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी, जिसके लिए संबंधित फर्म स्वयं जिम्मेदार होगी।
निरीक्षण के दौरान बी.एम.एच फार्मेसी पर रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट की उपस्थिति नहीं पाई गई, जिसके संबंध में प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा, देव मेडिकल एजेंसी, सौरभ ट्रेडर्स एवं स्वागत ट्रेडर्स को दवाओं की खरीदी-बिक्री की जानकारी तीन दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर जानकारी प्रस्तुत न करने पर नियमानुसार आगामी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
जांच के दौरान औषधियों की गुणवत्ता की पुष्टि के लिए पांच सैंपल एकत्र किए गए, जिन्हें भोपाल स्थित औषधि प्रयोगशाला में भेजा गया है। साथ ही, अनमोल मेडिकल एजेंसी के लाइसेंस को निरस्त कर दिया गया है।
निरीक्षण के दौरान दुकानदारों को उचित स्थान पर लाइसेंस प्रदर्शन, फार्मसिस्ट की उपलब्धता, दुकान की साफ-सफाई, एक्सपाइरी दवाओं की व्यवस्था, स्टॉक रजिस्टर की रखरखाव और फ्रिज में संचित दवाओं के भंडारण संबंधी दिशा-निर्देश दिए गए। इसके अलावा, बिना पंजीकृत चिकित्सक के पर्चे के शेड्यूल औषधियों का विक्रय न करने और क्रय-विक्रय अभिलेखों को नियमानुसार संचित रखने का निर्देश दिया गया है। इन निर्देशों का पालन न करने की स्थिति में नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी, जिसके लिए संबंधित फर्म स्वयं जिम्मेदार होगी।