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Betul में पड़ोस युवा संसद ने नशा मुक्त समाज के लिए युवाओं की आवाज़ उठाई
Betul के ब्लॉक घोड़ाडोंगरी में आयोजित पड़ोस युवा संसद 2026-27 में युवाओं ने नशा मुक्त समाज के निर्माण हेतु जागरूकता, खेल और कौशल विकास पर चर्चा की।
Betul के ब्लॉक घोड़ाडोंगरी में आयोजित पड़ोस युवा संसद 2026-27 का विषय ‘नशा मुक्त युवा’ था, जिसमें युवाओं ने नशे के दुष्प्रभावों और नशामुक्त समाज के निर्माण के उपायों पर विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन और अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। जिला युवा अधिकारी सुषमा गवली, मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक संतोष राजपूत और संभागीय समन्वयक कौशल तिवारी सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे।
युवाओं ने नशे की बढ़ती प्रवृत्ति और उसके सामाजिक दुष्परिणामों पर चर्चा करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार की खुशहाली और समाज के विकास को प्रभावित करता है। उन्होंने जागरूकता अभियान, खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने और शिक्षा, कौशल विकास तथा रचनात्मक कार्यों से युवाओं को जोड़ने पर जोर दिया।
संतोष राजपूत और कौशल तिवारी ने युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की, यह कहते हुए कि युवाओं की सहभागिता से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित युवाओं और अतिथियों को नशामुक्त भारत के निर्माण की सामूहिक शपथ दिलाई गई, सभी ने संकल्प लिया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे और दूसरों को भी प्रेरित करेंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ, माय भारत स्वयंसेवक और ग्रामीण युवा भी भाग लिए।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन और अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। जिला युवा अधिकारी सुषमा गवली, मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक संतोष राजपूत और संभागीय समन्वयक कौशल तिवारी सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे।
युवाओं ने नशे की बढ़ती प्रवृत्ति और उसके सामाजिक दुष्परिणामों पर चर्चा करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार की खुशहाली और समाज के विकास को प्रभावित करता है। उन्होंने जागरूकता अभियान, खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने और शिक्षा, कौशल विकास तथा रचनात्मक कार्यों से युवाओं को जोड़ने पर जोर दिया।
संतोष राजपूत और कौशल तिवारी ने युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की, यह कहते हुए कि युवाओं की सहभागिता से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित युवाओं और अतिथियों को नशामुक्त भारत के निर्माण की सामूहिक शपथ दिलाई गई, सभी ने संकल्प लिया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे और दूसरों को भी प्रेरित करेंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ, माय भारत स्वयंसेवक और ग्रामीण युवा भी भाग लिए।