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राजनीति
बेंगलुरु अधिकारी ने प्रोफेसर सीएनआर राव पर नाम असंगति के लिए नोटिस न जारी होने की पुष्टि की
✍️ TOI India
🗓 09 सित. 2026, 04:40 PM
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बेंगलुरु के एक सरकारी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रोफेसर सीएनआर राव को नाम असंगति के लिए कोई नोटिस नहीं भेजा गया था, जो हाल ही में उठे विवाद के बीच है।
बेंगलुरु के एक सरकारी अधिकारी ने प्रोफेसर सीएनआर राव के नाम असंगति के कारण उनके खिलाफ कोई नोटिस जारी नहीं होने की बात स्पष्ट की। यह दावा मीडिया रिपोर्टों के बीच आया, जिसमें कहा गया था कि राज्य के औद्योगिक संबंध विभाग ने इस शैक्षणिक पर किसी प्रकार की कार्रवाई की है। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि कोई भी नोटिस नहीं भेजा गया है और मामला अभी भी समीक्षा के अधीन है।
प्रोफेसर, जो एक स्थानीय विश्वविद्यालय में शिक्षण पद पर हैं, को सार्वजनिक रिकॉर्ड में उनके नाम और आधिकारिक दस्तावेज़ों में नाम के बीच असंगति के कारण विवाद का सामना करना पड़ा। आलोचकों का तर्क था कि यह असंगति उनके पेशेवर योग्यता पर असर डाल सकती है। हालांकि, सरकारी प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि संस्था ने अभी तक कोई औपचारिक निर्देश जारी नहीं किया है।
यह बयान शहर के प्रशासनिक कार्यालय में आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जारी किया गया। अधिकारियों ने दोहराया कि विभाग इस मामले की जाँच जारी रखेगा और यदि किसी भी प्रक्रियागत त्रुटि का पता चलता है तो उचित कार्रवाई करेगा।
इस घटना ने सार्वजनिक अधिकारियों और शैक्षणिक लोगों के लिए सटीक रिकॉर्ड रखने के महत्व पर प्रकाश डाला है, और कई हितधारकों ने ऐसे असंगतियों को कैसे संभाला जाना चाहिए, इस पर स्पष्ट दिशानिर्देशों की मांग की है।
प्रोफेसर, जो एक स्थानीय विश्वविद्यालय में शिक्षण पद पर हैं, को सार्वजनिक रिकॉर्ड में उनके नाम और आधिकारिक दस्तावेज़ों में नाम के बीच असंगति के कारण विवाद का सामना करना पड़ा। आलोचकों का तर्क था कि यह असंगति उनके पेशेवर योग्यता पर असर डाल सकती है। हालांकि, सरकारी प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि संस्था ने अभी तक कोई औपचारिक निर्देश जारी नहीं किया है।
यह बयान शहर के प्रशासनिक कार्यालय में आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जारी किया गया। अधिकारियों ने दोहराया कि विभाग इस मामले की जाँच जारी रखेगा और यदि किसी भी प्रक्रियागत त्रुटि का पता चलता है तो उचित कार्रवाई करेगा।
इस घटना ने सार्वजनिक अधिकारियों और शैक्षणिक लोगों के लिए सटीक रिकॉर्ड रखने के महत्व पर प्रकाश डाला है, और कई हितधारकों ने ऐसे असंगतियों को कैसे संभाला जाना चाहिए, इस पर स्पष्ट दिशानिर्देशों की मांग की है।