राजनीति
बीड में भारत मित्रकूट ने मुख्य चुनावी आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे व एसआईआर प्रक्रिया रद्दी का विरोधी प्रदर्शन
बीड के अंबेडकर चौराहे पर भारत मित्रकूट ने मुख्य चुनावी आयुक्त के इस्तीफे और मतदाता सूची की विशेष समग्र पुनरावृत्ति (एसआईआर) प्रक्रिया रद्द करने की मांग के साथ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया।
बीड, महाराष्ट्र – आज अंबेडकर चौराहे पर भारत मित्रकूट ने मुख्य चुनावी आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची की विशेष समग्र पुनरावृत्ति (एसआईआर) प्रक्रिया रद्द करने की मांग में प्रदर्शन किया।
समूह ने चार मुख्य माँगें रखी: एसआईआर प्रक्रिया को पूरी तरह रद्द करना, मुख्य चुनावी आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, मुख्य चुनावी आयुक्त नियुक्ति अधिनियम में संशोधन कर पूर्व व्यवस्था (प्रधानमंत्री, विपक्षी नेता और मुख्य न्यायाधीश) को पुनर्स्थापित करना, तथा मुख्य चुनावी आयुक्तों को दी गई कानूनी प्रतिरक्षा (इम्युनिटी) को समाप्त करना।
प्रदर्शन में क. बाबु होन्ना, विठालदास पेज, क. संतोष चिटगुप्पा, क. रेश्मा कुंदे, ओंप्रकाश रोट्टे सहित कई कार्यकर्ता बोले। इसके साथ ही पूर्व सांसद नरसिंहराव सूर्यवंशी, पूर्व विधान परिषद सदस्य अरविंद अरली, अमृत चिमकोडे, बसवराज मालगे, निजामुद्दीन, गुरुनाथ गड्डे, दत्तु मूलगे, श्रीकांत स्वामी, डॉ. मक्सूद चंदा, गोवर्धन राठौड़, अहसन कमल परवेज, गीता चिद्री, अब्दुल सतार, बसवराज भत्मुर्गे, एम.ए. समि, नासीर खाद्री, पंडित चिद्री, जॉर्ज फर्नांडिस, हनमान्त मल्कापूर, मोहम्मद युसूफ़, अशोक चौहान, अजमत पाटेल, वैजिनाथ यनगुंदा, अनिल जाधव, मारुति मास्टर, जगदीश बिरादर सहित कई कांग्रेस‑सीपीएम कार्यकर्ता भी भाग लिये।
समूह ने बताया कि आगामी पाँच दिनों में बीड जिले के 12 ब्लॉकों में प्रदर्शन जारी रहेगा और एक सप्ताह के भीतर प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर भी आंदोलन आयोजित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि हालिया विधान परिषद चुनावों में वाराणसी, पाटना और नागपुर जैसे क्षेत्रों में भाजपा की हार जनता की बदलती सोच का प्रमाण है।
भाजपा‑आरएसएस सरकार के विरुद्ध यह आंदोलन लोकतंत्र, संविधान और मतदान अधिकारों की रक्षा को मुख्य उद्देश्य मानता है और माँगों को पूरा होने तक यह जारी रहेगा।
समूह ने चार मुख्य माँगें रखी: एसआईआर प्रक्रिया को पूरी तरह रद्द करना, मुख्य चुनावी आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, मुख्य चुनावी आयुक्त नियुक्ति अधिनियम में संशोधन कर पूर्व व्यवस्था (प्रधानमंत्री, विपक्षी नेता और मुख्य न्यायाधीश) को पुनर्स्थापित करना, तथा मुख्य चुनावी आयुक्तों को दी गई कानूनी प्रतिरक्षा (इम्युनिटी) को समाप्त करना।
प्रदर्शन में क. बाबु होन्ना, विठालदास पेज, क. संतोष चिटगुप्पा, क. रेश्मा कुंदे, ओंप्रकाश रोट्टे सहित कई कार्यकर्ता बोले। इसके साथ ही पूर्व सांसद नरसिंहराव सूर्यवंशी, पूर्व विधान परिषद सदस्य अरविंद अरली, अमृत चिमकोडे, बसवराज मालगे, निजामुद्दीन, गुरुनाथ गड्डे, दत्तु मूलगे, श्रीकांत स्वामी, डॉ. मक्सूद चंदा, गोवर्धन राठौड़, अहसन कमल परवेज, गीता चिद्री, अब्दुल सतार, बसवराज भत्मुर्गे, एम.ए. समि, नासीर खाद्री, पंडित चिद्री, जॉर्ज फर्नांडिस, हनमान्त मल्कापूर, मोहम्मद युसूफ़, अशोक चौहान, अजमत पाटेल, वैजिनाथ यनगुंदा, अनिल जाधव, मारुति मास्टर, जगदीश बिरादर सहित कई कांग्रेस‑सीपीएम कार्यकर्ता भी भाग लिये।
समूह ने बताया कि आगामी पाँच दिनों में बीड जिले के 12 ब्लॉकों में प्रदर्शन जारी रहेगा और एक सप्ताह के भीतर प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर भी आंदोलन आयोजित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि हालिया विधान परिषद चुनावों में वाराणसी, पाटना और नागपुर जैसे क्षेत्रों में भाजपा की हार जनता की बदलती सोच का प्रमाण है।
भाजपा‑आरएसएस सरकार के विरुद्ध यह आंदोलन लोकतंत्र, संविधान और मतदान अधिकारों की रक्षा को मुख्य उद्देश्य मानता है और माँगों को पूरा होने तक यह जारी रहेगा।