शिक्षा
बच्चों ने मिट्टी से बनाए पारम्परिक खिलौने, विद्यालय में महकी खुशबू
गायत्री देवी जूनियर हाई स्कूल, गैनी, बरेली में बच्चों ने घर से लायीं मिट्टी से पारम्परिक खिलौने बनाकर विद्यालय को सोंधी खुशबू से महका दिया।
गायत्री देवी जूनियर हाई स्कूल, गैनी, बरेली में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में छात्रों ने घर से लायीं मिट्टी से पारम्परिक खिलौने बनाए। यह पहल छात्रों की रचनात्मकता और एकाग्रता को बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित की गई।
बच्चों ने मिट्टी को हाथों में लेकर विभिन्न आकृतियों का निर्माण किया – पारम्परिक सुराही, रसोई के छोटे खिलौने, फल, पशु‑पक्षी और गुलदस्ते। उनके निर्मित कलाकृतियों ने विद्यालय के प्रांगण को सोंधी खुशबू से भर दिया, जिससे शिक्षकों और अभिभावकों में बचपन की यादें ताजा हो गईं।
इस प्रकार के प्रयोगात्मक कार्य न केवल बच्चों को अपनी मिट्टी से जोड़ते हैं, बल्कि डिजिटल युग में स्क्रीन के अत्यधिक उपयोग के विपरीत, उनके हाथों की कौशल और एकाग्रता शक्ति को भी सुदृढ़ करते हैं। शिक्षक मानते हैं कि यह परियोजना बच्चों को अपने सांस्कृतिक जड़ों से जोड़े रखने का प्रभावी माध्यम है।
विद्यालय ने इस गतिविधि को नियमित रूप से जारी रखने का संकल्प लिया है, जिससे छात्रों में कला के प्रति प्रेम और धैर्य का विकास हो सके। इस पहल को #schoolactivities टैग के साथ सोशल मीडिया पर भी साझा किया गया, जिससे अन्य स्कूलों में भी समान कार्यक्रमों की प्रेरणा मिली।
बच्चों ने मिट्टी को हाथों में लेकर विभिन्न आकृतियों का निर्माण किया – पारम्परिक सुराही, रसोई के छोटे खिलौने, फल, पशु‑पक्षी और गुलदस्ते। उनके निर्मित कलाकृतियों ने विद्यालय के प्रांगण को सोंधी खुशबू से भर दिया, जिससे शिक्षकों और अभिभावकों में बचपन की यादें ताजा हो गईं।
इस प्रकार के प्रयोगात्मक कार्य न केवल बच्चों को अपनी मिट्टी से जोड़ते हैं, बल्कि डिजिटल युग में स्क्रीन के अत्यधिक उपयोग के विपरीत, उनके हाथों की कौशल और एकाग्रता शक्ति को भी सुदृढ़ करते हैं। शिक्षक मानते हैं कि यह परियोजना बच्चों को अपने सांस्कृतिक जड़ों से जोड़े रखने का प्रभावी माध्यम है।
विद्यालय ने इस गतिविधि को नियमित रूप से जारी रखने का संकल्प लिया है, जिससे छात्रों में कला के प्रति प्रेम और धैर्य का विकास हो सके। इस पहल को #schoolactivities टैग के साथ सोशल मीडिया पर भी साझा किया गया, जिससे अन्य स्कूलों में भी समान कार्यक्रमों की प्रेरणा मिली।