📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sridevi K
धर्म
तेलंगाना के बाहर भी बाथुकम्मा महोत्सव का उत्सव
✍️ The Times of India
🗓 16 अक्टू. 2026, 03:32 AM
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परम्परागत पुष्प महोत्सव बाथुकम्मा अब तेलंगाना के बाहर कई शहरों में मनाया जा रहा है, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
बाथुकम्मा महोत्सव, जो तेलंगाना की सांस्कृतिक विरासत में निहित एक जीवंत पुष्प उत्सव है, अब भारत के कई शहरों में मनाया जा रहा है। जहाँ यह त्यौहार परम्परागत रूप से महिलाओं द्वारा फूलों के गुच्छे सजाने और लोकगीत गाने से जुड़ा है, वहीं अब सीमाओं से परे भी इसी प्रकार की समारोहिक गतिविधियाँ देखी जा रही हैं।
विभिन्न शहरी क्षेत्रों में स्थानीय सांस्कृतिक समूहों द्वारा सार्वजनिक रूप से फूलों की सजावट, पारंपरिक संगीत और नृत्य प्रस्तुतियों का आयोजन किया जा रहा है। ये आयोजन बाथुकम्मा के मूल रीति-रिवाजों को बरकरार रखते हुए, इस त्यौहार की लचीलापन और आकर्षण को उजागर करते हैं।
तेलंगाना के बाहर बाथुकम्मा के प्रसार से क्षेत्रीय परम्पराओं में बढ़ती रुचि स्पष्ट होती है, जो सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करता है और इस महोत्सव को सामुदायिक सौहार्द व कलात्मक अभिव्यक्ति के प्रतीक के रूप में सुदृढ़ करता है।
विभिन्न शहरी क्षेत्रों में स्थानीय सांस्कृतिक समूहों द्वारा सार्वजनिक रूप से फूलों की सजावट, पारंपरिक संगीत और नृत्य प्रस्तुतियों का आयोजन किया जा रहा है। ये आयोजन बाथुकम्मा के मूल रीति-रिवाजों को बरकरार रखते हुए, इस त्यौहार की लचीलापन और आकर्षण को उजागर करते हैं।
तेलंगाना के बाहर बाथुकम्मा के प्रसार से क्षेत्रीय परम्पराओं में बढ़ती रुचि स्पष्ट होती है, जो सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करता है और इस महोत्सव को सामुदायिक सौहार्द व कलात्मक अभिव्यक्ति के प्रतीक के रूप में सुदृढ़ करता है।