📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Wilhelm Fülle, photographer in Barmen, scanned by
अपराध
बाड़मेर की नर्स ने डॉक्टर और मैनेजर पर रैप का आरोप लगाया, जेल से रिहाई के बाद
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 10 अक्टू. 2026, 07:15 AM
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बाड़मेर, राजस्थान के एक निजी अस्पताल की नर्स ने जेल से रिहा होने के बाद अस्पताल के मालिक, डॉक्टर और मैनेजर पर दुष्कर्म व यौन शोषण का आरोप दर्ज कराया, पुलिस ने मामला दर्ज किया।
बारमेर पुलिस ने एक निजी अस्पताल की नर्स द्वारा दर्ज किए गए दुष्कर्म व यौन शोषण के आरोपों के बाद जांच शुरू की है। नर्स ने अस्पताल के मालिक, डॉक्टर और प्रबंधक पर अपने पद का दुरुपयोग कर यौन उत्पीड़न करने का दावा किया है, यह आरोप वह जेल से रिहा होने के बाद लगा रही है, जब वह ब्लैकमेल केस में हिरासत में थी।
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, नर्स ने कहा कि आरोपी अपने अधिकारों का प्रयोग करके उसे यौन संबंधों के लिए मजबूर करते रहे, जबकि उसने इस बारे में आंतरिक तौर पर शिकायत भी की थी।
वर्तमान में मामला भारतीय दंड संहिता और बाल यौन शोषण रोकथाम अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है, और सभी पक्षों के बयान ले लिए जा रहे हैं। जांच में पहले के ब्लैकमेल से जुड़े आरोपों की भी पड़ताल की जाएगी।
अस्पताल ने अभी तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है, जबकि आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। पुलिस ने अन्य संभावित गवाहों से अपील की है कि वे आगे आएँ और जांच में सहयोग दें।
यह घटना राजस्थान में स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्यस्थल उत्पीड़न के बढ़ते मुद्दे को उजागर करती है, जिससे कर्मचारियों की सुरक्षा और निगरानी के लिए कड़े उपायों की मांग बढ़ रही है।
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, नर्स ने कहा कि आरोपी अपने अधिकारों का प्रयोग करके उसे यौन संबंधों के लिए मजबूर करते रहे, जबकि उसने इस बारे में आंतरिक तौर पर शिकायत भी की थी।
वर्तमान में मामला भारतीय दंड संहिता और बाल यौन शोषण रोकथाम अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है, और सभी पक्षों के बयान ले लिए जा रहे हैं। जांच में पहले के ब्लैकमेल से जुड़े आरोपों की भी पड़ताल की जाएगी।
अस्पताल ने अभी तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है, जबकि आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। पुलिस ने अन्य संभावित गवाहों से अपील की है कि वे आगे आएँ और जांच में सहयोग दें।
यह घटना राजस्थान में स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्यस्थल उत्पीड़न के बढ़ते मुद्दे को उजागर करती है, जिससे कर्मचारियों की सुरक्षा और निगरानी के लिए कड़े उपायों की मांग बढ़ रही है।